चंडीगढ़ में शुक्रवार शाम आए तूफान ने तबाही मचाई, एक शख्स की जान ली और चला गया। लंबे अरसे बाद चंडीगढ़ में इस तरह का हादसा हुआ है। जड़ से तूफान से उखड़कर गिरे पिलखन के भारी भरकम पेड़ के नीचे दबने से एक राहगीर की मौत हो गई। उसकी पहचान नहीं हो पाई है। हादसा शुक्रवार शाम करीब साढ़े छह बजे सेक्टर-10/11 की डिवाइडिंग रोड पर हुआ। तेज तूफान से पिलखन का पेड़ जड़ से उखड़कर सड़क पर जा गिरा।
इसी दौरान वहां से गुजर रहा व्यक्ति उसकी चपेट में आ गया। पेड़ का मोटा तना व्यक्ति की पीठ पर गिरा और उसका मुंह सड़क पर जा टकराया। पेड़ के नचे दबे व्यक्ति को बचाने में असहाय लोगों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी। सेक्टर तीन थाने की पुलिस व पीसीआर मौके पर पहुंची लेकिन वह भी भारी भरकम पेड़ के नीचे दबे व्यक्ति को निकालने में बेबस दिखे। फिर बागबानी विभाग के कर्मचारियों ने आरी से तने को काटकर व्यक्ति को निकाला। तब उसकी सांसें चल रही थीं।
पुलिसकर्मी तुरंत उसे पीसीआर में लेकर पीजीआई की ओर दौड़े लेकिन अस्पताल पहुंचने से पहले ही उसने दम तोड़ दिया। मृतक के कपड़ों की तलाशी ली गई लेकिन ऐसा कोई दस्तावेज नहीं मिला, जिससे उसकी पहचान हो सके। पुलिस को मौके से एक थैला मिला, जिसमें उसके जूते थे। मृतक की आयु करीब तीस वर्ष है। कयास लगाए जा रहे हैं कि शायद यह नयागांव में रहता हो।
अलग अलग जगह 12 लोग हुए घायल
इसके अलावा तूफान और बारिश से शहर की विभिन्न जगहों पर हुए विभिन्न हादसों में कुल 12 लोग घायल हालत में अस्पताल पहुंचे।
दस साल पहले भी पेड़ के नीचे दबने से हुई मौत
मनीमाजरा स्थित माडर्न कांप्लेक्स में करीब दस वर्ष पूर्व बारिश से बचने के लिए पेड़ के नीचे खड़े हुए करीब पचास वर्षीय नकली राम की भी पेड़ ऊपर गिरने से मौत हो गई थी। इसके अलावा बहुत से लोग पेड़ गिरने से बाल-बाल बचते रहे हैं।
स्लिप रोड बनने से कमजोर हुआ पेड़
पुलिस और बागवानी विभाग के कर्मचारियों ने घटनास्थल की बारीकी से जांच की तो पेड़ के पास से स्लिप रोड बना पाया। पेड़ के सामने मुख्य सड़क और पीछे स्लिप रोड बनाए जाने से मिट्टी का कटाव अधिक होने से पेड़ की जड़ों की पकड़ मिट्टी पर कमजोर होने से उसके गिरने के कयास लगाए गए। शहर के लगभग हर सेक्टर व चौक-चौराहों पर पेड़ों के आगे-पीछे सड़क बनाने और नाम मात्र मिट्टी छोड़ने से हर आंधी-बारिश में पेड़ गिर रहे हैं।
हर आंधी-बारिश में गिरते हैं पेड़
शहर में सैकड़ों पेड़ ऐसे हैं, जो कि कमजोर हो चुके हैं और उन्हें दीमक पेड़ों को खोखला कर चुकी है। शहर में बारिश और तेज हवाएं चलने पर पेड़ गिर जाते हैं। बीते दो महीने में करीब दो दर्जन पेड़ गिर चुके हैं। पर्यावरण प्रेमी राहुल महाजन ने कहा कि सड़कों को चौड़ा करने से पेड़ कमजोर पड़ रहे हैं। कहा कि हरियाली बचाने के कोई प्रयास नहीं किए जा रहे हैं, जबकि दीमक पेड़ों को कमजोर कर रही है। प्रशासन और बागवानी विभाग की तरफ से कोई कारगर कदम नहीं उठाए जा रहे हैं। अधिकतर पिलखन के पेड़ों पर दीमक लगी हुई है।
बिना पूर्वानुमान के आया था तूफान
शुक्रवार दोपहर करीब पांच बजे बिना किसी पूर्वानुमान और घोषणा के तूफान ने चंडीगढ़ में दस्तक दे दी। करीब 75 से 85 किमी प्रतिघंटा के हिसाब से चली हवाओं ने पूरे ट्राइसिटी में हड़कंप मचा दिया। मौसम विभाग के मुताबिक एयरपोर्ट इलाके में 85 और शहर में करीब 75 किलोमीटर रफ्तार प्रतिघंटा से हवाएं चली हैं। धूल भरी आंधी के बाद आई बारिश के साथ कुछ जगहों पर ओले भी गिरे हैं। इससे मौसम कूल हो गया। आंधी और बारिश से तापमान में 14 डिग्री की गिरावट दर्ज की गई।
इससे लोगों को गर्मी से राहत मिली। पांच बजे से पहले पूरा शहर चिपचिपी गर्मी से जूझ रहा था। उमस का स्तर 36 से 83 प्रतिशत तक दर्ज किया गया। बारिश से उमस से भी छुटकारा मिला। एयरपोर्ट इलाके में करीब 14 एमएम और शहर में दो एमएम बारिश रिकार्ड की गई है। अगले दो दिन मौसम सामान्य रहने वाला है। बीच-बीच में इस तरह झोंके आते रहेंगे। मौसम विभाग को इस तूफान की जानकारी कुछ ही देर पहले मिली थी।
इसलिए बदला अचानक मौसम
मौसम विभाग चंडीगढ़ के डायरेक्टर सुरेंद्र पाल ने बताया कि स्थानीय मौसम में आए बदलाव से चंडीगढ़ में थंडर क्लाउड बने थे। दूसरी तरफ हिमाचल में पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय था। शिमला में अच्छी खासी बारिश हो रही थी। चंडीगढ़ में नमी का स्तर उच्चतम स्तर पर था। इन कारणों से मौसम बदला और तूफान का आगमन हो गया। जब नमी का स्तर बढ़ता है तो मौसम में बदलाव आने की संभावना बढ़ती। इसका पता भी दो से तीन घंटे पहले पता चलता है। आने वाले समय में इस तरह के थंडरस्ट्राम आते रहेंगे।
14 डिग्री तक गिरा तापमान
मौसम में बदलाव आने के बाद तापमान में जबरदस्त गिरावट देखी गई। शुक्रवार को अधिकतम तापमान 38.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो बारिशों के बाद गिरकर 24.6 डिग्री तक पहुंच गया। बीच में तापमान 43 डिग्री तक पहुंच गया था। मगर पहाड़ी इलाकों में पश्चिमी विक्षोभ एक्टिव होने से मैदानी इलाकों में राहत मिली है।
रात का तापमान पहुंचा 31.2 डिग्री
दिन के तापमान में गिरावट आ रही है तो रात के तापमान में बढ़ोतरी जारी है। वीरवार रात का तापमान 31.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से छह डिग्री अधिक दर्ज किया गया। बुधवार के मुकाबले तापमान में दो डिग्री की बढ़ोतरी दर्ज की गई। हालांकि मौसम में आए बदलाव से थोड़ी राहत मिलेगी। अगले तीन दिन अधिकतम तापमान 37 से 40 डिग्री और न्यूनतम तापमान 26 से 28 डिग्री के बीच रिकार्ड किया जाएगा।