ज्वाइंट एंट्रेंस एग्जामिनेशन (जेईई) की परीक्षा निरस्त करवाने के लिए देशभर में हो-हल्ला हो रहा है। राजनीति भी चरम पर है। प्रदर्शन हो रहे हैं। इस बीच सबसे अधिक दर्द से गुजर रहे हैं तो वह हैं जेईई की परीक्षा में जुटे छात्र। यह वह छात्र हैं जो दो-तीन साल से लगातार मेहनत कर रहे हैं। इनका सपना है इंजीनियरिंग में दाखिला। टॉप के संस्थानों में अपनी मेहनत के बल पर एडमिशन लेना चाहते हैं।
चारों ओर से पड़ रहे दबाव के चलते इनकी पढ़ाई विचलित हो रही है। बार-बार पेपर निरस्त होने से इन्हें अपनी रणनीति बदलनी पड़ रही है। जैसे ही परीक्षा की तिथि आगे बढ़ती है तो कोचिंग का नया पेपर या तरीका सामने आ जाता है और उसे फिर से इन छात्रों को हल करना पड़ता है। इस कार्य में मेहनत के अलावा पैसा खर्च हो रहा है।
कोचिंग संचालक भी चाहते हैं कि उनका रिजल्ट बेहतर आए, लेकिन छात्र पासआउट ही नहीं हो पा रहे। विशेषज्ञों का भी यही कहना है कि हो-हल्ला बंद कर देना चाहिए। अगर परीक्षा निरस्त होती है तो निजी शिक्षण संस्थान फायदा उठाएंगे। डोनेशन के आधार पर दाखिले हो जाएंगे और होशियार विद्यार्थी पीछे छूट जाएंगे। आइए जानते हैं क्या कहते हैं वह-
दिमाग हो रहा प्रभावित
कक्षा दस में प्रवेश लेने के बाद जेईई परीक्षा की तैयारी में जुट गया था। दो साल से कोचिंग ले रहा हूं। तैयारी पूरी हो गई लेकिन जेईई की परीक्षा आगे पीछे होने से दिमाग पर असर पड़ रहा है। परीक्षा हर हाल में हो ताकि छात्र अपना भविष्य बना सकें। साथ ही डिग्री समय पर मिल सकें।
- मनदीप, छात्र जेईई
रणनीति बदलनी पड़ रही
जेईई की तैयारी दो साल से कर रहा हूं। इसके लिए कोचिंग लिया है। परीक्षा निरस्त होने के चलते हमें अपनी रणनीति बदलनी पड़ रही है। कोचिंग सेंटर का भी सहारा फिर लेना पड़ रहा है। पैसे अधिक खर्च हो रहे हैं। परीक्षा अब किसी हाल में न टाली जाए। - सचिन, छात्र जेईई
समय बर्बाद हो रहा
मैं जेईई की तैयारी में लगभग एक साल से लगा हूं। तैयारी लगभग पूरी है। इसी बीच परीक्षा निरस्त करवाने को लेकर हल्ला हो रहा है। परीक्षा किसी हाल में निरस्त नहीं होना चाहिए। नहीं तो छात्रों का समय काफी बर्बाद होगा। दिमाग पर भी असर पड़ेगा। - आदर्श शर्मा, छात्र जेईई
परीक्षा निरस्त होने से नुकसान ही नुकसान
जेईई की परीक्षा निरस्त नहीं होनी चाहिए। इस परीक्षा को निरस्त करवाने के लिए एक तबका लगा हुआ है, जिसका परीक्षा से कोई सरोकार नहीं है। पढ़ने वाले विद्यार्थी गिनती के होते हैं, उन्हें परीक्षा निरस्त होने से नुकसान होगा। निजी शिक्षण संस्थान इसका लाभ उठाएंगे। डोनेशन लेंगे। - डॉ. कुणाल, विशेषज्ञ, भौतिक विज्ञान
जेईई की परीक्षा होनी चाहिए
जेईई की परीक्षा होना जरूरी है, क्योंकि उसी के जरिये आगे शिक्षण संस्थानों में एडमिशन मिलते हैं। जेईई के जरिये आने वाले विद्यार्थी होशियार होते हैं। इस बीच कोरोना है। यदि कोरोना को लेकर कोई गाइड लाइन आड़े आ रही है तो बात अलग है। - डॉ. परवीन गोयल, इंजीनियरिंग विभाग, पीयू
परीक्षा को बनाया राजनीति का मुद्दा
जेईई परीक्षा पर विद्यार्थियों के हित में फैसला लेने के बजाय इसे लोगों ने राजनीति का मुद्दा बना दिया। मैंने दो माह पहले एनटीए को पत्र लिखा था कि छात्रों को परेशानी कम से कम हो, इसके लिए गांव-गांव, कस्बों में परीक्षा केंद्र बनाए जाएं। - प्रो. धीरज सांघी, निदेशक, पेक