हरियाणा के पंचकूला हिंसा के 12 भगौड़ों और 13 मोस्ट वांटेड को पकड़ने में नाकाम रही एसआईटी से सरकार ने इनकी धरपकड़ का जिम्मा वापस ले लिया है। अब एसटीएफ इन 25 मोस्ट वांटेड को सलाखों के पीछे पहुंचाने के काम में जुटेगी।
सरकार की ओर से आईपीएस एवं पंचकूला की पुलिस आयुक्त चारू बाली ने बकायदा पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में इसका शपथ पत्र दिया है। इसके अनुसार अब 12 भगौड़ों और मोस्ट वांटेड को पकड़ने का काम एसटीएफ को सौंप दिया गया है। अभी तक पंचकूला हिंसा की जांच कर रही एसआईटी ही इनकी गिरफ्तारी में जुटी थी।
बीते वर्ष 25 अगस्त को डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत सिंह को साध्वी यौन शोषण मामले में पंचकूला की विशेष सीबीआई अदालत के दोषी ठहराने पर जमकर हिंसा हुई थी। डेरा समर्थकों ने संपत्ति की तोड़फोड़ के साथ अनेक वाहनों व भवनों को आग के हवाले कर दिया था। पुलिस और अर्ध सैनिक बलों की जवाबी कार्रवाई में तीन दर्जन से अधिक डेरा समर्थकों की मौत भी हुई। पंचकूला में हिंसा भड़काने के दो दर्जन से अधिक मोस्ट वांटेड आरोपी अभी तक भी पुलिस की गिरफ्त से दूर हैं।
इसी महीने की 25 अगस्त को पंचकूला हिंसा को हुए एक साल पूरा हो रहे है। साल के भीतर भी मोस्ट वांटेड अपराधियों के सलाखों के पीछे न पहुंच पाने पर पुलिस की काफी किरकिरी हो रही है। विपक्ष पुलिस की नाकामी को मुद्दा न बनाए इसे देखते हुए अब सरकार ने आईजी सौरभ सिंह के नेतृत्व वाली एसटीएफ को इनकी धरपकड़ का जिम्मा सौंपा है। एसटीएफ में बतौर डीआईजी तेज तर्रार आईपीएस बी सथीश बालन, एचपीएस राहुल देव जैसे अधिकारी शामिल हैं।
सरकार ने एसटीएफ का गठन वैसे तो गैंगस्टर व मोस्ट वांटेड अपराधियों के सफाए के साथ ही आतंकी गतिविधियों को नाकाम करने के लिए किया हुआ है। मगर, एसआईटी के नाकाम रहने पर अब पंचकूला हिंसा के भगौड़ों व वांटेड को पकड़ने की जिम्मेदारी भी एसटीएफ पर आ गई है। एसटीएफ हरियाणा के साथ ही अन्य राज्यों में भी इनकी गिरफ्तारी को लेकर जल्दी दबिश देने का काम शुरू करेगी।
सूत्रों के अनुसार भगौड़े व वांटेड हुलिया बदलकर भी पड़ोसी और अन्य राज्यों में रह सकते हैं, इसलिए सभी राज्यों की पुलिस से इनका हुलिया बदले हुए चेहरे व वास्तविक चेहरे का स्कैच भी साझा किया जाएगा।
एसटीएफ कर रही बेहतरीन काम : संधू
डीजीपी बीएस संधू का कहना है कि एसटीएफ बेहतरीन काम कर रही है। उसका नेटवर्क काफी बड़ा है और अन्य राज्यों की एसटीएफ के साथ भी संपर्क हैं। इसलिए पंचकूला हिंसा के आरोपियों को पकड़ने के लिए एसटीएफ को चुना है।
ये हैं वांटेड व भगौड़े
पांच लाख का इनामी आदित्य इंसा, पचास हजार का इनामी अमरीक, पचास हजार का इनामी नवदीप कुमार, इकबाल, जसबीर सिंह, अभिजीत शंकर, ओमपाल शर्मा, परामूत, अर्ष अरोड़ा, विजय कुमार, हरदम, पीआर जैन, परगट सिंह, किरपाल मैहता, चरण सिंह, सतीश मेहता, सेवा सिंह, अरविंद, अमरीक, संजीव, सिंगला, जसवंत, अनिल, रंजन व कमल।