चंडीगढ़। देश में स्टील की कीमतों में लगातार इजाफा हो रहा है। इससे शहर के उद्योगपति परेशान हैं। पिछले 10 दिन से रोजाना दाम बढ़ रहे हैं। इस दौरान 20 फीसदी तक की बढ़ोतरी हो चुकी है। आने वाले दिनों में कीमतें और भी बढ़ने की संभावना है। पंजाब के सेकेंडरी स्टील निर्माता भी इससे अछूते नहीं हैं। उद्योगपतियों का कहना है कि वहां भी स्टील के दाम आसमान छू रहे हैं।
चेंबर ऑफ चंडीगढ़ इंडस्ट्रीज के प्रेसिडेंट नवीन मंगलानी ने कहा कि युद्ध की वजह से हालात और खराब हुए हैं। प्रति मीट्रिक टन करीब 12 हजार रुपये की बढ़ोतरी हुई है। इंडस्ट्री के लिए ये लिए काफी ज्यादा है, क्योंकि इस पर 18 फीसदी जीएसटी अलग से लगता है। इसका असर ऑटोमोबाइल सेक्टर, ऑटो स्पेयर पार्ट्स, भवन निर्माण सामग्री और इंडस्ट्री के प्रोडक्शन पर पड़ रहा है। नवीन मंगलानी ने कहा कि कीमतों में बढ़ोतरी के कारण चंडीगढ़ की एसएमई के सामने अलग-अलग चुनौतियां हैं। वे अपने उत्पादों को बढ़ी हुई दरों पर बेचने में असमर्थ हैं। यहां की सभी इकाइयां, ट्रैक्टर के पुर्जे, रेलवे के पुर्जे, फास्टनर, फर्नीचर, बाथ फिटिंग, मशीनरी पार्ट्स आदि बनाने का काम करती हैं, जो सबसे ज्यादा प्रभावित हैं।
इसके अलावा जिन्होंने रेलवे के टेंडर लिए हैं, उनके पास टेंडर की पुरानी दरों पर आपूर्ति करने के अलावा कोई विकल्प नहीं है। उन्हें घाटे में काम करना पड़ रहा है। अगर पुराने दाम पर काम नहीं किया तो उन्हें ब्लैकलिस्ट किया जा सकता है। चैंबर ऑफ चंडीगढ़ इंडस्ट्रीज ने स्टील मंत्रालय से आग्रह किया है कि स्टील के विभिन्न वर्गों की दरों को कम करने के लिए तत्काल उपाय करें, ताकि एसएमई को भारी नुकसान से बचाया जा सके।
एक साल में दोगुने हुए स्टील के दाम
शहर के उद्योगपतियों का कहना है कि करीब एक साल में स्टील के दाम दोगुने हो चुके हैं। 10-20 फीसदी की बढ़ोतरी तो तर्कसंगत मानी जा सकती है, लेकिन 100 फीसदी का इजाफा समझ से परे है। इससे महंगाई बढ़ रही है। तमाम तरह के ऑटो पार्ट्स, गाड़ियों के कलपुर्जे, स्कूटर, थ्री व्हीलर, फोर व्हीलर में स्टील का खूब इस्तेमाल होता है। मकान बनाने में भी सरिया, चौखट, खिड़की और जाल आदि बनाने में स्टील इस्तेमाल होता है। सड़क निर्माण और पुल निर्माण में स्टील का उपयोग होता है। सभी के खर्चे बढ़ रहे हैं।
यूक्रेन-रूस संकट बढ़ा रहा चौतरफा महंगाई
शहर के उद्योगपतियों का कहना है कि रूस और यूक्रेन की बीच जारी जंग दुनिया भर में चौतरफा महंगाई बढ़ा रही है। कच्चे तेल की कीमतें अपने रिकॉर्ड स्तरों पर पहुंच चुकी हैं। वहीं गेहूं, मक्का, सोयाबीन की कीमतें भी रिकॉर्ड स्तरों पर हैं। स्टील उत्पादों के दाम तो बढ़ ही रहे हैं। यूक्रेन के साथ रूस की जंग में एक हफ्ते से ज्यादा समय बीत चुका है। अगर युद्ध जल्द खत्म नहीं होता तो स्थिति को सामान्य होने में भी लंबा वक्त लग सकता है।