चंडीगढ़। कोरोना महामारी को परास्त करने के लिए लॉकडाउन पीरियड में लोग घरों में समय बिता रहे हैं। इस संकट से निजात पाने के लिए यही एक अचूक हथियार है। इस दौरान लोग अलग-अलग एक्टीविटिज से टाइम पास कर रहे हैं। कोई बागवानी कर रहा है तो कोई किताबें पढ़ रहा है। किसी ने नई रेसिपी बनाई है तो किसी ने घर की साफ-सफाई शुरू कर दी है। कुछ लोग कविताएं भी लिख रहे हैं। आप भी अमर उजाला को बता सकते हैं कि लॉकडाउन पीरियड में आप क्या कर रहे हैं। आपको उस कार्य की फोटो, नाम और एक्टिविटी की जानकारी साझा करनी है।
ओजस ने बनाई पतंग
सेंट जोसेफ सीनियर सेकेंडरी स्कूल के छात्र ओजस कंवर ने लॉकडाउन के दौरान पतंग बनाई है। उन्हें कागज से कलाकृति बनाना पसंद है। उन्होंने अपने मैसेज में बताया है कि घर पर रहे हैं और कोरोना को मात दें।
छात्रों को ऑनलाइन मास्क बनाना सिखाया
संगरूर के कॉलेज की असिस्टेंट प्रोफेसर आंचल भारद्वाज ने बताया कि वे संगरूर में जॉब की वजह से वे अपने परिवार से दूर थीं। लॉकडाउन के दौरान वे अपने पेरेंट्स और भाई-बहन के साथ समय बिता रही हैं। फैशन डिजाइनिंग की प्रोफेसर होने के नाते उन्होंने अपने छात्रों को इंटरनेट के माध्यम से मास्क बनाना सिखाया, ताकि वे जरूरतमंदों के बीच जाकर बांट सके।
सार्थक रोज बनाते हैं एक पेंटिंग
मनीमाजरा के आरआईएमटी स्कूल के चौथी कक्षा के छात्र सार्थक चुघ रोजाना एक पेंटिंग बनाते हैं। वह रोजाना एक घंटे आनलाइन क्लासेज अटेंड करते हैं। गिटार बजाना और घर के कामों में हाथ बंटाना उसकी हाबी है। वह अपने दोस्तों को मिस करता है, लेकिन कोरोना की वजह से वह घर पर रहता है।
सुरुचि ने भी बनाई पेंटिंग
पेशे से टीचर सुरुचि भंडारी आजकल पेंटिंग बना रही हैं। यह उनकी हॉबी भी है। उन्होंने अपने भेजे संदेश में कहा है कि मास्क पहनना और सोशल डिस्टेंसिंग ही कोरोना को हराएगा। इसलिए दोनों का पालन करें।
लॉकडाउन की गंभीरता को बता रहे
सेक्टर- 47 निवासी अमित कौशिक व ममता प्रधानमंत्री के आह्वान पर अपनी बेटी मायशा के साथ मिलकर कोरोना के जागरूकता पोस्टर बना रहे हैं। इन पोस्टरों को वे सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हैं, ताकि लोग लॉकडाउन की गंभीरता को समझे।
जिव्या बना रही पेंटिंग व कुकिंग
जिव्या सिंह को पेंटिंग और कुकिंग का शौक है। लॉकडाउन में वे पेंटिंग बना रही हैं। साथ ही घर के कामकाज में मदद भी करती हैं। उनका कहना है कि घर पर रहना कोई मजबूरी नहीं बल्कि जरूरी है।