हरियाणा में हुडा के प्लाटों की बंदरबांट पर पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट के जस्टिस दया चौधरी की एकल बेंच ने मल्टीपल अलाटमेंट के सभी मामलों में कार्रवाई पर रोक लगा दी है। बेंच ने अलाटमेंट का संपूर्ण प्रोफार्मा बनाकर केस की अगली सुनवाई पर 25 मामलों के दस्तावेजों की जानकारी तलब की है।
पिछली सुनवाई पर टिप्पणी करते हुए बेंच ने कहा था कि सरकार दो साल से आवंटन में गड़बड़ी की जांच में जुटी हुई है, लेकिन अभी तक कोई ठोस नतीजा नहीं निकला। बेंच ने पूछा है कि आखिर मामले की जांच सीबीआई को ही क्यों न सौंप दी जाए।
अलाटमेंट में अनेक वीआईपी को एक से अधिक प्लाट देने का आरोप है। उस वक्त बेंच को बताया गया था कि अब तक 575 एफआईआर दर्ज की जा चुकी हैं और ट्रायल कोर्ट्स में कार्रवाई जारी है। सरकार के इस जवाब के बाद फिलहाल बेंच ने सरकार को अलाटमेंट का प्रोफार्मा तैयार करने का निर्देश दिया था।
अब प्रदेश सरकार ने कहा है कि मामला हजारों अलाटमेंट से जुड़ा हुआ है, लिहाजा एक बार में सारी जानकारी नहीं दी जा सकती। इस पर बेंच ने कहा है कि फिलहाल 2500 मामलों का प्रोफार्मा तैयार कर अगली सुनवाई पर जानकारी दी जाए।
उल्लेखनीय है कि एडवोकेट जनरल, हुडा प्रशासक और एडवोकेट हरमनजीत सिंह सेठी को मिलकर प्रोफार्मा बनाना है। प्रोफार्मा में अलाट हुआ प्लाट, अलाटमेंट के वक्त आवंटन नीति, अलाटी का शपथ पत्र, शपथ पत्र में दी जानकारी, जानकारी गलत दी है तो क्या कार्रवाई हुई के बारे में बताया जाना है।
याची की ओर से एक और अर्जी:
याचिकाकर्ता के वकील हरमनजीत सिंह सेठी ने बुधवार को बेंच के समक्ष एक और अर्जी दायर की। इसके जरियेपांच पूर्व विधायकों को गलत तरीके से प्लाट अलाट करने का आरोप लगाया गया है। अगली सुनवाई पर सरकार को इन नामों पर भी स्थिति स्पष्ट करनी है।
उधर, गलत अलाटमेंट की कंपाउंडिंग पर सरकार ने कहा है कि अतिरिक्त सचिव के पास मामला उठाया गया है। अभी सरकार को इस पर फैसला लेना है, इसमें समय लग सकता है। इसके साथ ही सुनवाई अप्रैल महीने के लिए स्थगित कर दी गई है।