शिकायती पत्र में महिलाकर्मियों के नाम स्पष्ट नहीं होने से पहचान में आ रही परेशानी
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़।
पुलिस के एक आला अधिकारी पर महिला पुलिसकर्मियों के यौन शोषण के मामले में सोमवार को 20 महिला पुलिसकर्मियों ने बयान दर्ज कराए। अब तक कुल 39 महिला पुलिसकर्मियों के बयान दर्ज हो चुके हैं। जिले में तैनात सभी 143 महिला पुलिसकर्मियों के बयान दर्ज होंगे।
जांच अधिकारी फतेहाबाद की एसपी आस्था मोदी का दावा है कि अभी तक आरोपों से संबंधित कोई साक्ष्य या तथ्य नहीं मिले हैं। उन्होंने बताया कि सोमवार को 25 महिला कर्मियों को बयान के लिए बुलाया गया था। इनमें से 23 कर्मियों को सरकारी बस में एसपी आस्था के सरकारी आवास पर लाया गया। बयान दर्ज कराने के बाद उन्हें वापस भेज दिया गया। इस मामले में वायरल हो रहे एक और शिकायती पत्र में सात पुलिसकर्मियों के नाम दिए गए हैं। केवल एक के आगे सरनेम लिखा होने से उनकी पहचान करने में मुश्किल आ रही है। इसी वजह से जांच अधिकारी जिले में तैनात सभी महिला पुलिसकर्मियों के बयान दर्ज कर रही हैं।
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आज महिला आयोग में पीड़ितों के बयान
राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष रेनू भाटिया ने 27 अक्तूबर को स्वत: संज्ञान लेकर डीजीपी से मामले की रिपोर्ट तलब की थी। इसके अलावा 29 अक्तूबर को फरीदाबाद स्थित महिला आयोग के दफ्तर में पीड़ितों के बयान दर्ज कराने के लिए कहा था। मंगलवार को महिला आयोग की अध्यक्ष रेनू भाटिया के समक्ष महिला पुलिसकर्मियों के बयान भी दर्ज हो सकते हैं।
कोई डराने की कोशिश करे तो एक कॉल करें : विनेश
जुलाना से विधायक व ओलंपियन विनेश फोगाट भी इस मामले को लेकर लगातार आक्रामक रुख अपनाए हुए हैं। उन्होंने एक्स हैंडल पर वीडियो शेयर कर कहा कि मैं दावे के साथ कह सकती हूं कि भविष्य में उन महिलाओं से बयान लिया जाएगा कि हमने ऐसा कुछ नहीं कहा है। मैं यकीन दिलाती हूं कि अगर कोई आपको डराने की कोशिश करे तो आपको सिर्फ एक कॉल करना है। हम आपकी लड़ाई पुरजोर तरीके से लड़ेंगे।
143 महिला कर्मियों के बयान दर्ज होने के बाद होगी शिकायतकर्ता की पहचान
एसपी आस्था मोदी ने बताया कि शिकायती पत्र में किसी शिकायतकर्ता का सरनेम नहीं लिखा है, इस वजह से जिले में तैनात कुल 143 महिला पुलिसकर्मियों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं। पत्र में सात शिकायती नामों में से एक का सरनेम लिखा है, लेकिन उस नाम की जिले में 23 महिलाकर्मी हैं। जिले में 143 महिला कर्मियों के बयान दर्ज करने के बाद ही असली शिकायतकर्ता महिलाओं की पहचान होगी।