एक बड़ी राशि लेकर प्लॉट का कब्जा न देना पंजाब अर्बन प्लानिंग एंड डेवलपमेंट अथॉरिटी (पुडा) को भारी पड़ गया। राज्य उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग ने पुडा को सेवा में कोताही का दोषी करार दिया और शिकायतकर्ता को 60 लाख छह हजार 524 रुपये 12 प्रतिशत वार्षिक ब्याज के साथ लौटाने के निर्देश दिया। साथ ही मुआवजा और मुकदमा खर्च के रूप में 50 हजार रुपये अदा करने को कहा।
शिकायतकर्ता संजीव गुलाटी निवासी सेक्टर-38 सी ने एसएएस नगर मोहाली स्थित पंजाब अर्बन प्लानिंग एंड डेवलपमेंट अथॉरिटी (पुडा) के खिलाफ राज्य उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग चंडीगढ़ में शिकायत दी थी। शिकायत में संजीव ने कहा कि उन्होंने पुडा के प्रोजेक्ट गेटवे सिटी एसएएस नगर मोहाली में 256 वर्ग गज प्लॉट के लिए आवेदन किया था। इसके लिए उन्होंने पांच लाख 37 हजार छह सौ रुपये भुगतान किया। 19 मार्च को 2015 को निकाले गए ड्रा में वह सफल रहे। इसके बाद उनको 9 जून 2015 को प्लाट आवंटन का आशय पत्र जारी किया गया।
आशय पत्र के अनुसार शिकायतकर्ता ने अगली किस्त के रूप में आठ लाख छह हजार चार सौ रुपये का भुगतान किया। इसके बाद 3 जुलाई 2015 को कैंसर सेस के रूप में एक लाख सात हजार पांच सौ 20 रुपये का भुगतान किया। इसके बाद पुडा ने 21 सितंबर 2016 को अपनी परियोजना में 256 वर्ग यार्ड का आवासीय प्लॉट आवंटित किया। शिकायतकर्ता ने 26 नवंबर 2018 तक उक्त भूखंड के लिए कुल 60 लाख छह हजार 524 रुपये का भुगतान किया।
आवंटन पत्र के अनुसार प्लॉट का फिजिकल पजेशन साइट पर विकास कार्य पूरा होने के बाद या आवंटन पत्र जारी होने की तारीख से 18 महीने जो भी पहले हो देने पर सहमति थी लेकिन उन्हें प्लॉट नहीं मिला। पुडा ने राज्य उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग में अपना पक्ष रखते हुए कहा कि उन्होंने किसी नियम का उल्लंघन नहीं किया है। शिकायतकर्ता को दूसरे जगह प्लॉट देने की पेशकश की गई थी।