वर्ल्ड आर्गन डोनर डे के मौके पर पीजीआई ने चंडीगढ़ के इतिहास में एक नया प्रयोग किया। आर्गन ट्रांसप्लांट के लिए सेक्टर 32 मेडिकल कालेज से पीजीआई तक एक ग्रीन कारिडोर बनाया गया। इस पर एक एंबुलेंस दौड़ाई गई, जिसने आठ किलोमीटर के सफर को मात्र सात मिनट में तय किया।
एंबुलेंस के भीतर ब्रेन डेड पेशेंट के आर्गन थे, जिन्हें जल्द से जल्द पीजीआई के ट्रामा आईसीयू में पहुंचाना था। चंडीगढ़ ट्रैफिक पुलिस और पीजीआई के सटीक को-आर्डिनेशन की वजह से पहला प्रयोग पूरी तरह से सफल रहा। दरअसल आर्गन ट्रांसप्लांट के लिए शुक्रवार एक मॉक ड्रिल आयोजित की गई थी।
इसका मकसद यह था कि यदि कोई ब्रेन डेड बॉडी या आर्गन पीजीआई तक पहुंचाना हो तो, उसके लिए कौन सा रास्ता उपयुक्त होगा और उस दूरी को तय करने में कितना समय लगेगा। भविष्य में यदि कोई आर्गन या ब्रेन डेड पेशेंट को पीजीआई तक पहुंचाना होगा तो इसी कॉरिडोर का इस्तेमाल किया जाएगा।