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वर्दी हुई दागदार: पुलिसकर्मियों ने विभाग को किया शर्मसार

Sat, 26 Dec 2015 03:08 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
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साल 2015 में यूटी पुलिस की वर्दी पर कई दाग लगे। कोई रिश्वतखोरी में पकड़ा गया तो किसी पर गलत धाराएं लगाने के आरोप लगे। यही नहीं पुलिस के बड़े-बड़े अधिकारी भी आरोपों में घिरे रहे। पुलिस का बर्बर चेहरा भी जनता के सामने आया।
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ये हैं 2015 के कुछ चर्चित मामले:

केस-1
कॉलोनी नंबर चार का हत्याकांड: पुलिस ने बरती लापरवाही
10 अप्रैल की रात को कॉलोनी नंबर चार से एक पौने चार साल की बच्ची का अपहरण हो गया। अगले दिन सुबह जंगल से शव मिला। बच्ची के साथ रेप के बाद हत्या की पुष्टि हुई। परिजनों और कॉलोनी के लोगों ने आरोप लगाया कि पुलिस सूचना के ढाई घंटे बाद पहुंची। बार-बार कहने के बावजूद पुलिस ने जंगल की तरफ सर्च नहीं की। इसके बाद डीआईजी ने थाना प्रभारी की कार्रवाई की जांच के आदेश दिए। हालांकि, पुलिस ने जांच में थाना प्रभारी को क्लीन चिट दे दिया।

केस-2
डीसी ऑफिस में मकान मांगने आए लोगों को दौड़ा-दौड़ा पीटा
सेक्टर-17 में 20 जून को डीसी ऑफिस मकान मांगने गए धनास निवासी महिलाओं और पुरुषों को पुलिस ने जमकर पीटा था। इस दौरान बच्चों को भी गंभीर चोटें आईं थीं। इसके बाद पुलिस ने बड़ी संख्या में लोगों पर केस दर्ज करके जेल भेजा था। पुलिस की इस बर्बरता से चारों ओर दहशत मच गई थी। पूरे शहर में कई दिनों तक यह घटना की चर्चा बनी रही।
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केस-3
ट्रक ने आठ को लोगों को कुचला, धारा में फेरबदल
अगस्त 2015 को ट्रांसपोर्ट लाइट प्वाइंट पर लड़ाई की खुन्नस में एक ट्रक चालक से आठ लोगों को कुचल दिया था। इनमें से पांच की मौत हो गई थी। पुलिस ने पहले एक्सीडेंट की धारा दर्ज कर आरोपी गिरफ्तार कर लिया, लेकिन पुलिस की इस कार्रवाई के जबरदस्त विरोध के बाद पुलिस ने इसे गंभीर धारा में तब्दील किया।

केस-4
डीएसपी को चालीस लाख रुपये घूस लेते सीबीआई ने गिरफ्तार किया
साल 2015 में ऑर्थिक अपराध शाखा में तैनात डीएसपी आरसी मीणा को चालीस लाख रुपये घूस लेते सीबीआई ने गिरफ्तार किया। यह केस यूटी पुलिस की वर्दी पर सबसे बड़ा दाग था। जांच के दौरान यूटी पुलिस के आईजी और डीआईजी का नाम भी खूब उछला।
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रिश्वत लेते कई अधिकारी पकड़े गए

-सेक्टर-31 थाने में तैनात सब इंस्पेक्टर अरविंद कुमार एक केस में गवाही पक्ष में करवाने की एवज में 10 हजार रुपये रिश्वत लेते पकड़ा गया।
- मनीमाजरा थाने में तैनात एसआई बलबीर को सीबीआई ने मार्च 2014 को 35 हजार रुपये रिश्वत लेते पकड़ा था।
-पीजीआई चौक पर तैनात हेड कांस्टेबल को सीबीआई ने ऑटो रिक्शा चालक से 1500 रुपये रिश्वत लेते पकड़ा।

- किसान भवन चौक पर तैनात हेड कांस्टेबल परमजीत को ऑटो चालक का चालान न काटने की एवज में 1000 रुपये मंथली रिश्वत लेते गिरफ्तार किया।
- सीबीआई टीम ने बुधवार को बैक टू बैक दो सफल ऑपरेशन में जिला अदालत में कोर्ट रूम के पास स्थित टॉयलेट से क्राइम ब्रांच के एक सब इंस्पेक्टर को 10 हजार रुपये की रिश्वत लेते पकड़ा। वहीं थोड़ी ही देर बाद एसडीएम साउथ कार्यालय में तैनात एक संविदा कर्मी को 2 हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगेहाथ काबू कर लिया।

-विजिलेंस ने यूटी पुलिस के एक कांस्टेबल को हल्लोमाजरा लाइट प्वाइंट से 1600 रुपये रिश्वत लेते रंगेहाथ गिरफ्तार किया है। वहीं मौके से एक हेड कांस्टेबल फरार हो गया। दोनों पुलिसकर्मी एक युवक से उसकी शिकायत के बाबत कार्रवाई करने के नाम पर 2000 रुपये और रेड करने के लिए गाड़ी उपलब्ध करवाने की डिमांड कर रहे थे।

-सेक्टर-17 स्थित ताज होटल के पास एक एसआई सेवक सिंह को सीबीआई ने 15 हजार रुपये की रिश्वत लेते गिरफ्तार किया। वह ट्रैस पासिंग की एफआईआर दर्ज करने की धमकी देकर पैसा मांग रहा था।
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