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आर्ट गैलरी में सजा कविताओं का मंच, 23 कवयित्रियों ने जमाई महफिल

Sun, 18 Sep 2016 10:25 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
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stage of poems - फोटो : अमर उजाला
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ढूंढता मुझको मुकदर चल रहा पीछे मेरे....,
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रास्ते की धूल है बस और क्या पीछे मेरे...
चलते-चलते यूं ही इक दिन जिंदगी रुक जाएगी...
चल पड़ेगा कुछ पलों का काफि ला पीछे मेरे...। 

यह कविता रश्मि शर्मा ने शनिवार को गर्वनमेंट म्यूज्यिम एंड आर्ट गैलरी में आयोजित कविता पाठ में पढ़ी। साहित्य मंच नारी कलम व वुमन इंडिया वेब पोर्टल की ओर से महिला साहित्यकारों को बढ़ावा देने के लिए आखर इश्क नाम से कविता पाठ का आयोजन किया गया। इसमें ट्राइसिटी की 23 कवयित्रियों ने भाग लिया।

इस कविता पाठ में सभी ने स्वरचित कविताएं पढ़ी और श्रोताओं की प्रशंसा बटोरी। कविताओं के जरिए सामाजिक पहलुओं को उजागर किया तो किसी ने प्राकृतिक खूबसूरती की चर्चा की। किसी ने जिंदगी के कुछ अनछुए पहलुओं को कविताओं के जरिए बयां किया तो किसी ने प्यार का पाठ पढ़ाया।
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इन कवियत्रियों ने लिया भाग
कविता पाठ में भाग लेने वाली कवियत्रियों में नीलम त्रिखा, अर्चना घई, धीरजा, नीरजा, अदिति, शालिनी, कविता शर्मा, शहला जावेद, कंचन, राजवंती मान, उषा आर शर्मा, गुरदीप गुल, मनजीत इंदिरा, अन्नापूर्णा, सुनीता धारीवाल, शेली विज ,राजेश नांदल शिखा श्याम राणा, रश्मि शर्मा, सुरम्या शर्मा शामिल रही।
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