मेवात मॉडल स्कूलों का शिक्षा विभाग में समायोजन कर्मचारियों और शिक्षकों के लिए परेशानी बन गया है। समायोजन के बावजूद आज तक स्कूलों में तैनात टीजीटी और पीजीटी अध्यापकों को नियुक्ति पत्र नहीं दिया गया है। इतना ही नहीं न ही इन स्कूलों का आज तक यूनिक आईडी बन पाया है, जिसके चलते हर बार वेतन में देरी होती है। पिछले चार माह से स्टाफ को वेतन नहीं मिल पाया है। इससे स्टाफ सदस्यों की परेशानी बढ़ गई है। मेवात मॉडल स्कूल एसोसिएशन ने चेताया कि जल्द वेतन नहीं मिला तो वह पंचकूला मुख्यालय के बाहर भूख हड़ताल करेंगे।
नूंह जिले के सभी खंडों में स्थित आठ मेवात मॉडल स्कूलों को शिक्षा विभाग में समायोजित कर लिया है लेकिन 350 कर्मचारियों को वेतन नहीं मिल पा रहा है। 250 अध्यापक हैं और 100 नान टीचिंग स्टाफ के कर्मचारी हैं। अब स्टाफ के वेतन के लिए वित्त विभाग को फाइल भेजी जाती है, वहां से अनुमति मिलने के बाद डीईओ और बाद में स्कूल में बजट आता है। वेतन नहीं मिलने के मामले को लेकर मेवात मॉडल स्कूल एसोसिएशन के पदाधिकारी अधिकारियों से मुलाकात कर चुके हैं लेकिन आज तक कोई समाधान नहीं हुआ है। इस बारे में स्कूल शिक्षा मंत्री कंवर पाल का कहना है कि इस बारे में अधिकारियों से बात की जाएगी और अध्यापकों को जल्द वेतन जारी कराया जाएगा।
विभाग ने लगाई शर्तें, अध्यापक परेशान
मेवात मॉडल स्कूलों को समायोजित तो कर लिया है लेकिन यहां पर तैनात स्टाफ को 20 साल नियमित सेवा के बावजूद शर्तं लगाकर उन्हें एडहॉक का नियुक्ति पत्र दे दिया गया, जो अध्यापक सेवानिवृत्त हो चुके या 30 जून को होने वाले हैं, उनको भी एचटेट पास करने की शर्त लगाई गई है। मेवात मॉडल स्कूल एसोसिएशन के प्रधान विजेंद्र कुमार और महासचिव कमरूद्दीन ने कहा कि अगर कर्मचारियों कि समस्याओं का जल्द समाधान नहीं हुआ तो शिक्षा विभाग पंचकूला में भूख हड़ताल करेंगे।