पुलिस के आला अधिकारी आते हैं, नई योजनाएं बनाते हैं लेकिन उनके जाने के बाद ही योजनाएं ठप हो जाती है। इस मुद्दे के साथ ही फॉसवेक और पुलिस अधिकारियों के बीच सेक्टर-29 की ट्रैफिक लाइन में बैठक शुरू हुई।
इस मौके पर शहर की 60 रेजिडेंट्स वेलफेयर एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने भाग लिया। इसमें लोगों ने जहां अपनी समस्याएं बताई वहीं पर कई सुझाव भी दिए।
सेक्टर-38 की महिला अनु ने कहा कि पार्कों में कई बार युवा और युवतियां काफी आपत्तिजनक हालत में होते है। ऐसे में पुलिस युवाओं पर कार्रवाई करने के लिए नहीं आती है।
इस पर एसएसपी डॉ. सुखचैन सिंह गिल ने कहा कि देश भर में इन मामलों में ऐसा कई बार हुआ है कि जिस पुलिस वाले ने कार्रवाई की है, उस पर ही उलटा कार्रवाई हो गई। उन्होंने कहा कि ऐसे में समाज को भी पहले खुद अपनी जिम्मेवारी निभानी चाहिए।
उन्हें ऐसे जोड़ों को समझाना चाहिए और अगर वे फिर भी न माने तो पुलिस को इसकी सूचना देकर मौके पर बुलाना चाहिए। उन्होंने कहा कि हालांकि ऐसे केसों में लीगल एक्शन कम और समझाने का काम ही ज्यादा होता है। इसके अलावा पार्कों में पुलिस का रोल भी सीमित होता है।
अधिकारियों के जाते ही योजनाएं फुर्र :
बैठक में फॉसवेक चेयरमैन पीसी सांघी ने कहा कि पिछले कई आईजी स्तर के अधिकारियों ने अपनी योजनाएं लागू की लेकिन उनके जाने के बाद वह योजनाएं फुर्र हो गईं।
इस बैठक में लोगों ने कहा कि पुलिस शहरवासियों की भागीदारी लेना नहीं चाह रही है जबकि लोग अपराध को कम करने के लिए मदद करना चाहते हैं। इस बैठक में एसएसपी, आपरेशन आरएस घुम्मन, एसएसपी डॉ. सुखचैन सिंह गिल, एसएसपी ट्रैफिक मनीष चौधरी सहित कई अधिकारियों ने भाग लिया।
चालान पर कम, जागरूक करने पर ज्यादा ध्यान दें :
सेक्टर-7 की रेजिडेंट्स वेलफेयर एसोसिएशन (सरकारी मकान) के अध्यक्ष एनके झिगंन ने कहा कि पुलिस की ओर से स्कूलों में जागरूकता अभियान चलाया जाता है जबकि ट्रैफिक नियमों को व्यस्कों द्वारा तोड़े जाते है। उन्होंने कहा कि पुलिस को चालान पर कम जोर देकर जागरूकता पर ध्यान देना चाहिए।
मौखिक शिकायत पर भी हो कार्रवाई :
पीजीआई की एसोसिएशन के अध्यक्ष सुभाष चंद का कहना है कि पिछले दिनों डीएवी कालेज के बाहर से चंद युवतियों को मोटरसाइकिल सवार युवकों ने छेड़ा। जब युवतियों ने फोन पर इसकी जानकारी पुलिस को दी तो उन्होंने कहा कि क्या आप लिखित में इसकी शिकायत देने के लिए तैयार हैं जबकि युवतियों ने मोटरसाइकिल का रजिस्ट्रेशन नंबर भी दिया था। सुभाष चंद ने कहा कि मौखिक शिकायत पर भी पुलिस को कार्रवाई करनी चाहिए।
चालान न करके 50 चक्कर लगवाएं :
सेक्टर-32 के सीनियर सिटीजन गुरमेल सिंह ने जब यह कहा कि जो ट्रैफिक नियम तोड़ता है उसका पुलिस चालान न करके लाइसेंस ले लें और पुलिस विभाग के 50 चक्कर लगवाएं। यह सुनकर पूरे हॉल में हंसी का माहौल बन गया। इस पर एसएसपी मनीष चौधरी ने कहा कि नियम के तहत ऐसा नहीं हो सकता।
गुरमेल सिंह ने यह भी कहा कि नई स्पीड लिमिट लागू हो गई है। जब वह कार चलाते है तो पीछे से आ रहे वाहन उन्हें तय सीमा पर चलने नहीं देते क्योंकि पीछे वाले ज्यादा तेज गति से चलते हैं। उन्होंने बताया कि दूसरे राज्यों से आने वाले वाहन चालकों को शहर की तय स्पीड लिमिट की जानकारी नहीं है।
पेड़ के पीछे छुपकर काटते हैं चालान :
सेक्टर-33 की एसोसिएशन के महासचिव केएल वर्मा ने कहा कि पुलिस वाले पेड़ के पीछे छुपकर चालान काटते है। पुलिस कर्मचारियों को चौक और लाइटों पर तैनात होना चाहिए ऐसा होने पर चालक खुद ही नियम तोड़ने से कतराएंगे।
पीजी की वेरिफिकेशन के लिए मुहिम जल्द :
एसएसपी डॉ. सुखचैन सिंह गिल ने कहा कि लोगों द्वारा दिए गए सभी सुझावों को नोट कर लिया गया है। इन पर विचार किया जाएगा। उन्होंने कहा कि शहर में चल रहे पीजी में रहने वाले लोगों की वेरिफिकेशन के लिए जल्द ही अभियान चलाया जा रहा है। इसमे लोकल एसोसिएशन की भी मदद ली जाएगी।