सैलजा केंद्रीय संगठन में गईं तो फिर हुड्डा के हाथ में होगी प्रदेश की कमान
कांग्रेस हाईकमान इसी सप्ताह ले सकता है संगठनात्मक पदों को लेकर फैसला
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़।
हरियाणा विधानसभा चुनाव में हार के बाद प्रदेश कांग्रेस में छिड़ी रार थमने का नाम नहीं ले रही है। एक-दूसरे धड़े पर हार का ठीकरा फोड़ने के बाद अब हाईकमान जिम्मेदारियों में बदलाव की तैयारी कर रहा है। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा की विरोधी कुमारी सैलजा को संगठन में बड़ी जिम्मेदारी दी जा सकती है। कहा जा रहा है कि सैलजा को कांग्रेस के राष्ट्रीय संगठन महासचिव की जिम्मेदारी जा सकती है। हालांकि, अटकलें उनको हरियाणा कांग्रेस का प्रदेशाध्यक्ष बनाने की भी चल रही हैं। हालांकि, इसको लेकर कांग्रेस की तरफ से कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है, लेकिन ये तय है कि इसी सप्ताह संगठनात्मक पदों को लेकर कांग्रेस हाईकमान फैसला ले सकता है।
महाराष्ट्र व झारखंड में होने वाले विधानसभा चुनावों के मद्देनजर कांग्रेस जिम्मेदारियों में बड़ा बदलाव करने के मूड में नजर आ रही है। कुमारी सैलजा को बड़ी जिम्मेदारी देने की चर्चा है। 29 अक्तूबर को महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव को लेकर स्टार प्रचारकों की सूची जारी हुई। अमूमन इस तरह की सूची केसी वेणुगोपाल की तरफ से ही जारी की जाती थी। इस बार कुमारी सैलजा की तरफ से लिस्ट जारी की गई। उसमें हरियाणा से सिर्फ राज्यसभा सांसद रणदीप सिंह सुरजेवाला का नाम था। हालांकि, कांग्रेस नेताओं का कहना है कि यह सामान्य प्रक्रिया है, क्योंकि सभी नेता बाहर थे तो इसलिए हाईकमान के कहने पर सैलजा ने सूची पर हस्ताक्षर किए थे। उधर, सूत्रों का दावा है कि हरियाणा विधानसभा चुनाव में कमजोर नेताओं को टिकट देने पर केसी वेणुगोपाल विवादों के घेरे में हैं।
कुमारी सैलजा हुड्डा खेमे की धुर विरोधी हैं और इस बार विधानसभा चुनाव लड़ना चाह रही थीं, लेकिन हाईकमान ने उनको टिकट नहीं दिया। सैलजा हार के लिए हुड्डा और प्रदेशाध्यक्ष उदयभान को जिम्मेदार ठहराती रही हैं, जबकि हुड्डा खेमा हार के लिए सैलजा को जिम्मेदार मानता है।
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प्रदेशाध्यक्ष भी चुना जाना है
हरियाणा कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष को लेकर भी फैसला होना है। क्योंकि उदयभान की अगुवाई में कांग्रेस को हार का सामना करना पड़ा है। दूसरा वह भी संगठन बनाने में कामयाब नहीं हुए। सूत्रों का दावा है कि कुमारी सैलजा का नाम भी प्रदेश अध्यक्ष के लिए चल रहा है। अगर वह केंद्र में गईं तो फिर हुड्डा समर्थकों के ही जिम्मे नेता प्रतिपक्ष और प्रदेशाध्यक्ष के पद होंगे। हुड्डा खेमे की ओर से नेता प्रतिपक्ष के लिए अशोक अरोड़ा, गीता भुक्कल के नाम दिए गए हैं, जबकि सैलजा की ओर से चंद्रमोहन का नाम आगे किया गया है।