यूटी प्रशासन की उम्मीद के अनुसार शुक्रवार को चुनाव विभाग की ओर से उजाड़ी गई कालोनी नंबर पांच में लगाए गए स्पेशल कैंप में बड़ी संख्या में मतदाता अपने वोट को स्थानांतरित कराने के लिए पहुंचे।
चुनाव विभाग की ओर से कालोनी नंबर पांच में आठ दिन तक स्पेशल कैंप लगाया जा रहा है ताकि इस कालोनी के उन मतदाताओं के वोट स्थानांतरित हो सकें जिन्हें धनास में पुनर्वास योजना के तहत फ्लैट नहीं मिला है।
इस कैंप के पहले ही दिन 500 से ज्यादा लोग अपने वोट को स्थानांतरित कराने के लिए पहुंचे और उन्होंने इसके लिए फार्म नंबर 8 ए भरा। सुबह से शाम तक वहां भीड़ रही। कोई सेक्टर-52 से आया था तो कोई कजेहड़ी से। हालाकि लोगों का कहना था कि उनकी वोट स्थानांतरित होने से उनके कालोनी नंबर पांच के निवासी होने का सुबूत खत्म हो जाएगा और इससे उन्हें पुनर्वास योजना में फ्लैट मिलने में दिक्कत आएगी।
लोगों से फार्म के साथ मतदाता पहचान पत्र की कॉपी भी ली गई। जिनके पास पहचान पत्र नहीं थे उन्हें कहा गया कि वह जहां रहते हैं उसके मालिक से लिखवा कर लाएं। प्रशासन के अधिकारियों को उम्मीद है कि 28 फरवरी तक चलने वाले इस कैंप के माध्यम से वह कम से कम 5 हजार वोट स्थानांतरित कर पाएंगे।
कालोनी नंबर पांच में कैंप को लगाने का उद्देश्य था कि यहां रहने वाले मतदाता कैंप में पहुंच जाएं और उनके वोट स्थानांतरित हो सकें। प्रशासन ने इस कैंप के लिए भी राजनीतिक पार्टियों से मदद मांगी है। इससे पहले प्रशासन के चुनाव विभाग ने एक और दो फरवरी को धनास में विशेष अभियान चलाया था। लेकिन, यह अभियान सफल नहीं हुआ था और बुड़ैल और हल्लोमाजरा में शिफ्ट हुए कुछ परिवारों के ही वोट स्थानांतरित हो सके थे।
ध्यान रहे कि कालोनी नंबर पांच में कुल 17 हजार वोट थे। पिछले साल नवंबर में प्रशासन इस कालोनी को बुलडोजर चलवा कर खाली करवा दिया। यहां के लोगों को धनास में बनी पुनर्वास कालोनी शिफ्ट किया गया। जिन्हें मकान अलाट हुए ऐसे करीब सात हजार वोटर वहां शिफ्ट हुए।
बाकी के दस हजार लोग बेघर हो गए थे। उनमें से कुछ किराये के मकानों में चले गए और कुछ मोहाली अन्य जगहों पर चले गए। जिन्हें धनास में फ्लैट नहीं मिला उनका अता पता किसी के पास नहीं है।
प्रशासन ने राजनीतिक पार्टियों की मदद से इन दस हजार मतदाताओं को खोजने के अथक प्रयास किए। प्रशासन का दावा है कि इनमें से दो हजार मतदाता तो मिल गए, लेकिन आठ हजार का पता किसी को नहीं चल पा रहा है। अब उम्मीद है कि इस कैंप के जरिए प्रशासन आठ हजार में से कम से कम पांच हजार मतदाताओं को खोज लेगा।
कालोनी नंबर पांच में लगाए गए स्पेशल कैंप का बहुत अच्छा रिस्पांस मिला है। कई मतदाता अपने वोट को स्थानांतरित कराने के लिए कैंप में पहुंचे।
-तिलक राज, संयुक्त चीफ इलेक्टोरल ऑफिसर