न्यू नाभा जेल में बेअदबी मामलों के आरोपी की हत्या और लुधियाना सेंट्रल जेल में हिंसा के बाद पंजाब का जेल विभाग एक बार फिर जेलों की पुख्ता सुरक्षा को लेकर हरकत में आ गया है। वह सभी कमियां जो अब तक विभाग के ध्यान में तो थीं, लेकिन जिनके बारे में ढिलाई बरती जा रही थी, लेकिन फिर से विचार शुरू हो गया है। सूबे के जेल मंत्री सुखजिंदर सिंह रंधावा ने एलान किया है कि जेलों की सुरक्षा के लिए स्पेशल टास्क फोर्स का गठन किया जाएगा।
जेल मंत्री ने माना है कि इस समय जेलों में स्टाफ के करीब 1000 पद खाली हैं। हालांकि जेल वार्डन के 400 पद भरने के लिए आवेदन मांगे गए हैं, लेकिन उसके बाद भी 700 पद खाली रह जाएंगे। उल्लेखनीय है कि राज्य की जेलों में कुल 2740 पद जेल वार्डन के हैं, जिनमें से 2040 पद ही भरे हुए हैं। इन कर्मचारियों पर जेलों में न सिर्फ साधारण कैदियों बल्कि गैंगस्टर और दुर्दांत कैदियों की निगरानी का भी जिम्मा है।
जेल मंत्री का कहना है कि इन पदों को जल्दी भरा जाएगा लेकिन उससे पहले स्पेशल टास्क फोर्स का गठन जेलों में गंभीर अपराधों वाले कैदियों के लिए बने हाई सिक्योरिटी जोनों की सुरक्षा पुख्ता की जाएगी। इस बीच, केंद्र सरकार द्वारा पंजाब के जेलों की सुरक्षा सीआरपीएफ के हवाले करने के प्रस्ताव को स्वीकार कर लिए जाने के बाद भी फिलहाल इस फोर्स की नियुक्ति में और एक महीने का समय लग सकता है। वहीं, जेल विभाग को सीआरपीएफ की तैनाती से इन फोर्स पर होने वाला खर्च भी सताने लगा है, जो 24 करोड़ रुपये सालाना होगा।