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चंडीगढ़ में इस बार बारिश के लिए कोई तैयारी नहीं, जलभराव करेगा परेशान और झेलनी होगी गंदगी

Wed, 03 Jul 2019 01:30 PM IST
खुशबू गोयल न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
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चंडीगढ़ में बने नाले - फोटो : अमर उजाला
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बारिश के लिए नगर निगम चंडीगढ़ हर साल तैयारियां करता है, फिर भी शहरवासियों को जलभराव से जूझना ही पड़ता है। शहर की प्रमुख सड़कें और गलियां साफ होने का दंभ भर रहे नगर निगम का दावा पहली ही बारिश में फ्लॉप हो जाएगा। सफाई कर्मचारियों ने जगह-जगह कचरे के ढेर लगा रखे हैं, लेकिन उठाने की जहमत नहीं उठाई। इससे कचरा जलभराव का कारण बन सकता है। वहीं, आंधी में टूटे पेड़ों की डालियां भी सड़क किनारे ही पड़ी हुई हैं। हार्टिकल्चर विभाग ने उन्हें अभी तक नहीं उठाया है। इससे पत्ते व कचरा बारिश में मुसीबत बनेगा।
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दावा 75 प्रतिशत सफाई का, जालियां चोक
नगर निगम के अधिकारियों का दावा है कि शहर के 75 प्रतिशत भाग को लगभग साफ कर दिया गया है। अन्य क्षेत्रों की सफाई का काम चल रहा है। जिन चौराहों पर पानी भरता था, उनके चारों ओर की पाइप को साफ करा दिया गया है। वहीं, सीवर की सफाई भी कर दी गई है। इससे पानी सड़कों पर न रुककर सीधे सीवर में चला जाएगा। कॉलोनियों का भी निरीक्षण कर सफाई करा दी गई है, लेकिन हकीकत यह है कि सीवर में पानी जाने वाले पाइप में कचरा जमा हुआ है, जिन जालियों से पानी अंदर जाएगा वे पूरी तरह से चोक हैं।

एक करोड़ रुपये से सफाई होनी है शहर में

शहर की 30 हजार रोड गलियों की सफाई व्यवस्था के लिए एक करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। इसमें प्रतिदिन सफाई व्यवस्था के साथ ही सीवर सफाई का काम भी शामिल है। हाल ही में नगर निगम ने सीवर की सफाई का दावा भी किया है, लेकिन हर साल सफाई के बावजूद जल भराव होता है। इससे निपटना निगम के लिए बड़ी चुनौती है। इस बार भी पहली बारिश निगम की बड़ी परीक्षा होगी।

सेक्टर 17 में पाइप में भरा कचरा, हर साल होता है जलभराव
सेक्टर 17 के चौराहे पर हर साल जलभराव होता है। इस बार भी चारों ओर लगी पाइप में कचरा भरा हुआ है। वहीं सेक्टर 7, 8, 9 व 18 में भी यही हाल है। कचरे के ढेर लगे हैं और जालियां भरी हैं, जिससे पानी निकलने के लिए जगह तक नहीं है। जहां पानी निकलने की जगह है, वहां कचरे के कारण जाम लगना तय है।

अंबाला दिल्ली रूट, सेक्टर 17, 42, 43, 35, 34, राम दरबार, सेक्टर 34, इंडस्ट्रियल एरिया, ट्रिब्यून चौक सहित कई ऐसे एरिया हैं, जहां आसानी से पानी नहीं निकलता। वहीं, साउथ एरिया का हाल तो और बुरा है।

60 से 70 एमएम बारिश हो जाए तो रहती है मुश्किल
चंडीगढ़ में लोगों का मानना है कि जहां पानी भरता है, वहां से लगभग एक घंटे में पानी निकल जाता है, लेकिन एक घंटे में 60 से 70 एमएम बारिश हो जाए तो ड्रेनेज सिस्टम फेल हो जाता है। उसकेबाद पानी भरना तय है।  

कोई मशीन नहीं जिससे साफ हो सकें सीवर
निगम के पास ऐसी कोई मशीन नहीं है, जिससे सीवर की सफाई की जा सके। प्रेशर के माध्यम से ही निगम को सफाई करानी होती है। वहीं, बारिश में पानी भरने पर कर्मचारी पाइप के माध्यम से कचरे को अंदर धकेलते हैं, जिससे भरे हुए पानी के दबाव से कचरा आगे निकल जाता है और पानी भी निकल जाता है।
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सफाई व्यवस्था की जा रही है। जिन क्षेत्रों में अभी सफाई नहीं हुई है, वहां भी कर्मचारियों को कहकर जल्द सफाई कराई जाएगी।
- केके यादव, कमिश्नर, नगर निगम

कमिश्नर ने निरीक्षण कर सफाई व्यवस्था का जायजा लिया था। मैं भी निरीक्षण कर सफाई व्यवस्था देखूंगा। जहां गंदगी मिली सामने उसे साफ कराऊंगा।
- राजेश कालिया, मेयर

नगर निगम ने अब तक रोड गलियों व चौराहों के किनारे तक साफ नहीं किए। रोड गली पर खुले सीवर के ढक्कन नहीं रखे गए हैं, जिससे जलभराव होना तय है।
- हितेश पुरी, क्राफ्ड के चेयरमैन

हर साल निगम की ओर से अंतिम समय में हेल्पलाइन नंबर जारी किया जाता है। सफाई के नाम पर भी कुछ नहीं दिख रहा।
- अनीश गर्ग, शहरवासी

सफाई कर्मचारी प्रतिदिन आते हैं और सफाई भी करते हैं। सफाई के बाद कचरे का ढेर लगा देते हैं, लेकिन उन्हें उठाने की जहमत कोई नहीं उठाता।
- रविकांत शर्मा, पार्षद

सेक्टर 37 में अब तक कोई सफाई नहीं है। सेक्टर 36 की भी नालियां चोक हैं। ऐसे में सफाई के व्यवस्था जीरो है।
- एलआर बुधैनिया, समाजसेवी

सफाई के नाम पर बस दिखावा हो रहा है। कहीं भी सफाई नहीं है। रोड गलियां चोक पड़ी हैं, सड़कों पर गंदगी है। इस बार भी जलभराव होना तय है।
- राहुल महाजन, पर्यावरणविद
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