यातायात पुलिस का कहना है कि काफी समय से चलन में ‘एल’ नाम का स्टीकर चला आ रहा है। इस सिंबल को देखते ही सभी वाहन चालक ऐसे गाड़ियों से दूरियां बनाकर रखते हैं। इससे सड़क हादसा होने की संभावना काफी हद तक घट जाती है। ऐसे में जब सीनियर सिटीजन हेल्पलाइन का लोग स्टीकर देखेंगे तो खुद से उस गाड़ी से दूरी बना लेंगे। इससे सीनियर सिटीजन को गाड़ी चलाने में दिक्कतों का सामना कम करना पड़ेगा।
‘एल’ के सिंबल से चालक बनाते हैं दूरियां
यातायात पुलिस की तरफ से उठाया गया यह कदम काफी सराहनीय है लेकिन सीनियर सिटीजन की तरफ से ऐप में अपलोड किया गया डाटा का लीक होने का डर हमेशा रहता है। सभी वरिष्ठ नागरिकों का डाटा पहले से ही कम्युनिटी सेंटर में अपडेट किया गया है। ऐसे में यातायात पुलिस को चाहिए कि इनसे संपर्क कर डाटा को आपस में लिंक कर लें जबकि कई वरिष्ठ नागरिकों के पास मोबाइल फोन भी नहीं होते हैं, ऐसे में वह कैसे अपने डाटा को अपलोड करेंगे। यातायात पुलिस को इस पर एक बार विचार करने की जरूरत है। -आरके गर्ग, प्रधान, सेकेंड इनिंग एसोसिएशन सीनियर सिटीजन।