एड्स और एचआईवी को रोकथाम के प्रयास पंचकूला प्रदेश में रंग ला रहे हैं। पिछले पांच सालों में प्रदेश भर में इन मरीजों की संख्या में 5.8 फीसदी की गिरावट आई है।
प्रदेश सरकार ने एआरटी सेंटरों पर निशुल्क एचआईवी टेस्ट की व्यवस्था की है और हर साल करीब पांच लाख लोगों की निशुल्क जांच की जाती है। अब भी पूरे प्रदेश में एचआईवी पीड़ितों की संख्या करीब 27 हजार है।
इनमें से करीब 40 मरीज अकेले पंचकूला में हैं। एचआईवी पॉजीटिव का हरियाणा स्टेट एड्स कंट्रोल सोसाइटी द्वारा निशुल्क इलाज किया जाता है।
इसके लिए प्रदेश में 17 लिंक एआरटी सेंटर जिला स्तर पर स्थापित किए गए हैं। अगरोहा मेडिकल कालेज में इसी वित्तीय वर्ष में एक और एआरटी सेंटर खोला जाएगा।
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स्किन, नेल और बालों दिखाई देते हैं प्रारंभिक लक्षक
नेशनल स्किन हॉस्पिटल, एमडीसी सेक्टर-5 पंचकूला के स्किन स्पेशलिस्ट डॉ. विकास शर्मा के अनुसार, असुरक्षित यौन संबंध के कारण यौन जनित बीमारियां होती हैं।
इसके अलावा दूषित इंजेक्शन लगाने और संक्रमित खून चढ़ाने से भी रोक बढ़ता है। पुरुष या महिला में से यदि कोई एचआईवी संक्रमित है तो वह दूसरे को भी चपेट में ले सकता है। इसके प्रारंभिक लक्षण स्किन, नेल और बालों से पता चलता है।
एचआईवी के लक्षण
- प्राइवेट पार्ट्स के आसपास मसा, लाल दाने निकलना
- नेल्स पर सफेद पाउडर जैसा धब्बा होना
- कभी-कभार पूरे शरीर पर लाल लाल दाने, जो एक हफ्ते तक रहते हैं और बाद में काला धब्बा छोड़ जाते हैं
- जीभ के आसपास काला निशान बनना
- इम्यूनिटी सिस्टम जिसका जितना कमजोर या मजबूत होता है, उसी आधार पर एचआईवी से एड्स का खतरा निर्भर करता है
बिना डाक्टरी सलाह के दवा लेना ज्यादा खतरनाक
डॉ. विकास शर्मा ने बताया कि कुछ प्रारंभिक लक्षण दिखने पर लोग अस्पतालों में टेस्ट कराने से कटराते हैं। पढ़े लिखे लोग डॉक्टर को दिखाने के बजाए इंटरनेट पर पढ़कर या केमिस्ट से दवा ले लेते हैं। यह और ज्यादा खतरनाक होता है।
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