कभी-कभी नित्या घर पर अकेली रह जाती हैं। फिर वह थोड़ी थोड़ी देर पर मां को फोन करती हैं। दिन भर में उनके करीब 15 से 20 फोन आ जाते हैं। रोजाना शाम को याद दिलाती है कि मां आज मेरे लिए कैंडी या फिर कोई चॉकलेट ले आना। कई बार होता है कि अगर उसके लिए कुछ ले नहीं ले पाती तो कहती है कि मम्मा कोई बात नहीं.. आप मेरे लिए कल लेकर जरूर आना।
मम्मा मैं भी पुलिस ऑफिसर बनूंगी
एसएसपी ने बताया कि कोरोना वायरस संक्रमण को फैलने से बचाने को लेकर इस दौरान ज्यादातर मुलाजिमों की ड्यूटी लग रही है। उनका हौसला अफजाई करने के लिए मुझे भी फील्ड में जाना पड़ता है। जरूरत से ज्यादा ड्यूटी पर जाने से कभी-कभी नित्या कहती है कि मम्मा आप शहर की सुरक्षा के साथ-साथ लोगों का पेट भी भरती हो। अब मैं भी आप जैसा पुलिस ऑफिसर बनूंगी।