बच्चों को स्वच्छता का महत्व बतातीं आनिंदिता मित्रा।
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चंडीगढ़ में वेस्ट टू वंडर पार्क नाम से एक विशेष कलाकृति वाला पार्क तैयार किया जा रहा है। लोहे के कबाड़ से पार्क में ओपनहैंड सहित कई कलाकृतियां बनाई जाएंगी। इस पर लगभग 1.91 करोड़ लागत आएगी। इस पार्क से स्वच्छता अभियान में शहर को 100 नंबर मिलेंगे। नगर निगम ने इसके लिए सेक्टर-31 का पार्क चुना है।
निगम आयुक्त आनिंदिता मित्रा ने बताया कि स्वच्छ भारत अभियान के अंतर्गत हर शहर को अपने यहां एक पार्क बनाना है। यह नेबरहुड पार्क होना चाहिए। इसमें कबाड़ से विभिन्न कलाकृतियों का निर्माण कराया जाना है। इसके 100 नंबर होंगे। इसमें 90 नंबर कलाकृति और 10 नंबर अन्य गतिविधियों के मिलेंगे। चंडीगढ़ में बागवानी विभाग के एक्सईएन ने एसडीई और जेई के साथ मिलकर शहर का भ्रमण किया। उनकी रिपोर्ट के अनुसार सेक्टर-31 में मकान नंबर 3315 से 3328 के सामने बना पार्क उपयुक्त है।
निगम मोटर मार्केट से खरीदेगा कबाड़
सदन की बैठक में जब यह एजेंडा रखा गया तो पार्षद महेश इंदर सिंह ने सवाल किया कि यह कबाड़ कहां से आएगा। इस पर चीफ इंजीनियर एनपी शर्मा ने बताया कि सेक्टर-48 स्थित मोटर मार्केट से कबाड़ खरीदेंगे। उससे पार्क में कलाकृति बनाई जाएगी। पार्क का सौंदर्यीकरण भी कराया जाएगा। इससे पहले निगम ने कबाड़ से एक साइकिल बनाई थी जिसे आजादी के अमृत महोत्सव के अंतर्गत सेक्टर-15 के चौक पर लगाया गया था।
बच्चों को स्वच्छता से जोड़ने का है प्रयास
निगम आयुक्त आनिंदिता मित्रा ने कहा कि घर की पहली इकाई बच्चा है जो हमें काफी कुछ सिखाता है इसलिए हम वर्तमान में स्वच्छता की पाठशाला चला रहे हैं। स्कूल में जाकर बच्चों को स्वच्छता का महत्व बता रहे हैं। इस मॉडल पार्क को बच्चे जब देखने आएंगे तो उनके मन में कबाड़ से जुगाड़ के नए आइडिया भी आएंगे, साथ ही स्वच्छता के प्रति एक नई सोच जन्म लेगी।