सीमावर्ती प्रदेश होने के नाते इस बार चुनाव के दौरान पंजाब में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर खास बंदोबस्त किए गए हैं। आखिरी सातवें चरण में प्रदेश में मतदान होने के नाते यहां लंबे समय तक कानून-व्यवस्था बनाए रखना पंजाब पुलिस और केंद्रीय सुरक्षा बलों के सामने एक बड़ी चुनौती होगी।
पंजाब की सीमाएं पाकिस्तान से लगे होने के कारण चुनाव के दौरान ड्रग्स और हथियारों की सप्लाई और आपराधिक घटनाओं पर पूरी तरह अंकुश लगाने के लिए सरहद से लेकर शहर और गांवों की सीमाओं तक पुलिस बल तैनात करने शुरू कर दिए गए हैं।
चुनाव के दौरान प्रदेश में सुरक्षा और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए अभी 25 केंद्रीय हथियारबंद पुलिस बलों (सीएपीएफ) की तैनात की जा चुकी है। इन 25 कंपनियों में पांच कंपनी केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल, 15 कंपनी सीमा सुरक्षा बल और पांच कंपनी इंडो तिब्बती बॉर्डर पुलिस की शामिल हैं। प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी सिबिन सी ने बताया इस लोकसभा चुनाव में प्रदेश भर में 4 हजार से ज्यादा संवेदनशील बूथों को चिन्हित किया गया है।
केंद्र से सीएपीएफ की मांगी है 285 कंपनी
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया केंद्र से 285 कंपनी मांगी गई हैं, इनमें से 25 कंपनियां आ चुकी हैं। अगले हफ्ते तक पंजाब में 20 से 30 केंद्रीय बल की कंपनियां और तैनात की जाएंगी। राज्य में जिला निर्वाचन अधिकारी, रिटर्निंग ऑफिसर, असिस्टेंट रिटर्निंग ऑफिसर सहित पोलिंग बूथों पर इलेक्शन ड्यूटी स्टाफ के लिए 25 हजार कर्मचारियों का खाका तैयार करने के लिए कहा गया है। इलेक्शन ड्यूटी में पंजाब सरकार के तमाम विभागों के कर्मचारियों को इसमें शामिल किया जाएगा। मुख्य रूप से शिक्षा विभाग के अधीन कार्यरत अध्यापकों को इलेक्शन ड्यूटी में लगाए जाने के संबंध में भी दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं।
पंजाब पुलिस के 75 प्रतिशत जवान सुरक्षा में तैनात रहेंगे
गजट नोटिफिकेशन होते ही पंजाब पुलिस के 75 प्रतिशत जवान चुनाव प्रक्रिया के दौरान सुरक्षा व्यवस्था में तैनात रहेंगे। 25 प्रतिशत जवानों को प्रदेश के थाना पुलिस के अन्य रोजमर्रा के कामकाज संभालने में तैनात किया जाएगा। अन्य राज्यों की सीमाओं पर चौकसी बढ़ाने को कहा गया है। ये जवान चुनाव के दौरान शराब की गैरकानूनी तरीके से तस्करी, चुनाव में पैसों के इस्तेमाल और अन्य आपराधिक गतिविधियों पर कड़ी नजर रखेंगे।
छह हलके संवेदनशील के दायरे में
पंजाब के 6 हलके संवेदनशील जिलों के दायरे में हैं। इनमें गुरदासपुर, अमृतसर, खडूर साहिब, फिरोजपुर, पटियाला और लुधियाना शामिल हैं। इनमें अतिरिक्त फ्लाइंग स्क्वाड तैनात किए जाएंगे। पिछले लोकसभा चुनाव में 200 कंपनी मांगी गई थीं। 2014 में 4632 बूथ संवेदनशील थे और 2017 में 4254 बूथ संवेदनशील थे। चुनाव में अर्द्धसैनिक बलों की 199 कंपनियां और विधानसभा चुनाव में 500 कंपनियां तैनात की गई थीं।
पंजाब के कई जिलों में निकाला गया फ्लैग मार्च
आचार संहिता लागू होते ही शनिवार को पंजाब के पटियाला, फिरोजपुर, अमृतसर और अन्य हलकों में पुलिस ने फ्लैग मार्च निकाला। स्पेशल डीजीपी लॉ एंड आर्डर के निर्देश पर पंजाब पुलिस को रुटीन चेकिंग और गश्त बढ़ाने के लिए कहा है।
हर जिले में रहेंगी ये टीमें
एक-एक स्क्रीनिंग कमेटी, एससीएमसी टीम, व्हीकल मैनेजमेंट टीम, मॉडल कोड ऑफ कंडक्ट टीम, वीडियो व्यूइंग टीम, अकाउंटिंग टीम।
लोकसभा हलके की टीमें
तीन फ्लाइंग स्क्वॉड, तीन स्टेटिक सर्विलांस टीम, एक-एक वीडियो सर्विलांस, वीडियो व्यूइंग, अकाउंटिंग, एक्साइज टीमें और एक एईओ।