चंडीगढ़। सोनू शाह हत्याकांड में पुलिस की जांच पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। मामले का एक अहम चश्मदीद गवाह पिछले कई वर्षों से लापता है। हैरानी की बात है कि पुलिस के पास उसके जिंदा या मृत होने का भी रिकॉर्ड नहीं है। पुलिस ने जिला अदालत में कहा है कि इस गवाह का न तो कोई ठोस रिकॉर्ड उपलब्ध है और न ही उसकी वर्तमान स्थिति को लेकर पुलिस के पास पुख्ता जानकारी है।
करीब सात साल पहले बुड़ैल में राजवीर सिंह उर्फ सोनू शाह की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस वारदात के समय मौके पर जोगिंदर सिंह और परमिंदर सिंह भी मौजूद थे। दोनों गोली लगने से घायल हुए थे। इलाज के दौरान परमिंदर सिंह की बाद में मौत हो गई थी जबकि जोगिंदर सिंह इस मामले का मुख्य प्रत्यक्षदर्शी गवाह था। जोगिंदर सिंह वर्षों से लापता है और पुलिस आज तक उसका कोई सुराग नहीं लगा सकी। सोनू शाह के भाई प्रवीण शाह ने अदालत में बयान दिया है कि जोगिंदर सिंह की भी मौत हो चुकी है लेकिन पुलिस के पास न तो उसका डेथ सर्टिफिकेट है और न ही किसी सरकारी रिकॉर्ड में उसकी मृत्यु का उल्लेख है। यहां तक कि उसके परिजनों के पास भी उसकी मौत की कोई आधिकारिक जानकारी नहीं है। पुलिस रिकॉर्ड में वह आज भी लापता की श्रेणी में दर्ज है।
पुलिस जांच के दौरान जोगिंदर सिंह की पत्नी सुनीता से पूछताछ की गई। उसने बताया कि वह पिछले 12-13 वर्षों से अपने पति से अलग रह रही है और उसे इस बात की कोई जानकारी नहीं है कि वह जीवित है या नहीं। पुलिस ने हरियाणा के जिला जींद स्थित उसके पैतृक गांव में भी जांच की। वहां उसके भतीजे सुनील ने बताया कि जोगिंदर करीब तीन वर्ष पहले गांव आया था। वह उस समय बीमार था, इलाज कराया और बिना किसी को बताए चला गया। उसके पास न आधार कार्ड था और न ही कोई सक्रिय मोबाइल नंबर, जिससे पुलिस को उसकी तलाश में कोई ठोस सुराग नहीं मिल सका।
लॉरेंस बिश्नोई के इशारे पर हुई थी हत्या
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार सोनू शाह की हत्या गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई के इशारे पर करवाई गई थी। हमलावर बुड़ैल स्थित सोनू शाह के कार्यालय में घुसे और ताबड़तोड़ गोलियां चलाकर फरार हो गए थे। बाद में पुलिस ने शूटरों को गिरफ्तार किया जिन्होंने पूछताछ में लॉरेंस बिश्नोई के निर्देश पर वारदात को अंजाम देने की बात कबूल की थी। इस मामले में लॉरेंस बिश्नोई के अलावा धर्मेंद्र, शुभम उर्फ बिगनी, मंजीत उर्फ राहुल मोटा, अभिषेक उर्फ बंटी, राजू बसोदी, राजन उर्फ जाट और दीपक रंगा को भी आरोपी बनाया गया है।