प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को गुमनाम ईमेल लिखने वाली लड़की का सुराग नहीं लगा, लेकिन दोनों आरोपियों के लिए मुसीबत जरूर खड़ी हो गई है। दरअसल, गोहाना के ओम पब्लिक स्कूल की छात्रा के पीएम और अन्य अधिकारियों को पत्र भेजकर स्कूल के दो कर्मचारियों पर गैंगरेप का सनसनीखेज आरोप लगाने के मामले में पुलिस आरोपियों का पॉलीग्राफी टेस्ट भी कराएगी। पुलिस इस मामले में कोई भी पहलु अछूता छोड़ना नहीं चाहती।
हालांकि, अभी तक इस मामले में पुलिस के हाथ कुछ नहीं लगा है। पुलिस पॉलीग्राफी टेस्ट के लिए अधिकारियों से अनुमति लेगी, उसके बाद आरोपियों को मधुबन ले जाएगी। पुलिस इस मामले की सच्चाई को उजागर करने का सभी प्रयास कर रही है। आरोपियों का पॉलीग्राफी टेस्ट कराना भी इसी कड़ी का हिस्सा है। गोहाना के एक निजी स्कूल की छात्रा के नाम से एक गुमनाम ई-मेल प्रधानमंत्री, राष्ट्रपति और अन्य को भेजा था। इसमें छात्रा ने स्कूल के स्टाफ सदस्यों पर उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म जैसा गंभीर आरोप लगाया था।
ई-मेल के सामने आने के बाद पुलिस ने इस पर केस दर्ज कर लिया था। यह ई-मेल पुलिस को व्हाट्सएप पर मिला था। इस ईमेल में लिखे दोनों कर्मियों स्कूल के एस्टेट ऑफिसर सुखबीर सिंह और अकाउंटेट कर्मबीर के खिलाफ सामूहिक दुष्कर्म का केस दर्ज कर लिया गया था। बाद में दोनों आरोपियों को स्कूल ने पुलिस के सुपुर्द कर दिया। पुलिस ने दोनों को हिरासत में रखकर लंबी पूछताछ की, लेकिन अभी तक इस मामले से जुड़ा कोई पहलु पुलिस उजागर नहीं कर सकी। इस पर अब पुलिस ने दोनों आरोपियों का पॉलीग्राफ टेस्ट कराने का निर्णय लिया है।