हरियाणा के सोनीपत में पुलिस कर्मी मरते-मरते पुलिस को वारदात की सुराग दे गया। उसकी हथेली पर लिखे वाहन नंबर से पुलिस वारदात का राज खोलने में कामयाब रही। सोनीपत में अपराधियों ने दो पुलिस कर्मियों को गोली मारी थी। सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस घायल पुलिस कर्मियों को अस्पताल ले गई। वहां उनकी मौत हो गई। यहां पर चिकित्सकों ने मृतक कांस्टेबल का पोस्टमार्टम करने के लिए टेबल पर लिटाया तो देखा कि उसके हाथ पर कुछ लिखा है।
कांस्टेबल रविंद्र ने अपने हाथ पर उस गाड़ी का नंबर लिखा था जो वारदात में शामिल थी। इसके तुरंत बाद सूबे के गृह मंत्री अनिल बिज हरकत में आए। उन्होंने अपने नेटवर्क के माध्यम से सारी जानकारी ली और डीजीपी मनोज यादव को सुबह ही मौके पर पहुंचने के आदेश दिए। गृह मंत्री ने प्रदेश पुलिस के मुखिया को कह दिया कि अपराधियों को किसी भी हालत में बख्शा न जाए। जिसके बाद पूरे प्रदेश की पुलिस को सक्रिय किया गया। गाड़ी को ट्रेस करने की सूचना मिली, जिसके बाद पुलिस ने मोबाइल लोकेशन भी खंगाली।
रात की वारदात का संबंधित टावर से डंप लिया और नंबरों का मिलान किया। दोपहर तक यह सारा होमवर्क किया जा चुका था। अपराधियों के छुपे होने की सूचना मिली तो पुलिस ने अपनी कार्रवाई शुरू की, लेकिन सामने से फायरिंग के बाद पुलिस के लिए गोली चलाना मजबूरी बन गया था।
मुझे जानकारी मिली है कि उक्त कांस्टेबल ने हथेली पर नंबर लिख लिया था। उसकी शहादत और बहादुरी को ध्यान में रख कर सरकार उसे वीरता पुरस्कार देगी। इस घटना के माध्यम से अपराधियों को यह सबक भी मिल जाएगा कि किसी अपराधी की यह जुर्रत न हो जो हमारी पुलिस की तरफ आंख उठाकर देख सके।
- अनिल विज, गृह मंत्री हरियाणा