फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

‘देश की रीढ़ तोड़ने वाले कानून का समर्थन नहीं’

Sun, 05 Apr 2015 10:57 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
विज्ञापन
विज्ञापन
कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने केंद्रीय सड़क परिवहन एवं हाईवे मंत्री नितिन गडकरी की ओर से उन्हें लिखे गए पत्र का विस्तार से जवाब दिया है। पत्र में कहा गया है कि किसान देश की रीढ़ हैं और उनके हितों की रक्षा के लिए कांग्रेस कोई समझौता नहीं करेगी।
विज्ञापन


सोनिया ने छह पन्ने से अपने जवाब में कहा है कि देश की रीढ़ तोड़ने वाले किसी भी कानून का कभी समर्थन नहीं किया जा सकता। शनिवार को चंडीगढ़ स्थित कांग्रेस भवन में आयोजित पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ कांग्रेस की संयुक्त बैठक के दौरान जयराम रमेश ने सोनिया गांधी का नितिन गडकरी को लिखा पत्र जारी किया।

गडकरी ने गत 19 मार्च को सोनिया गांधी को पत्र लिखकर भूमि अधिग्रहण विधेयक पर कांग्रेस से समर्थन की मांग की थी। जवाब में सोनिया गांधी ने 26 मार्च को पत्र लिखकर न सिर्फ समर्थन देने से इंकार कर दिया, बल्कि मोदी सरकार द्वारा विधेयक में किए गए संशोधनों पर भी विस्तार से आपत्ति जताते हुए उन्हें किसान विरोधी ठहराया।
विज्ञापन
विज्ञापन

अधिग्रहण बिल में संशोधनों का विरोध जताया

सोनिया गांधी ने भूअधिग्रहण विधेयक में किए गए संशोधनों पर ऐतराज जताते हुए लिखा है कि साल 2013 में कांग्रेस ने जो विधेयक तैयार किया था, वह केवल कांग्रेस का ही नहीं था। यह तो भाजपा सहित अन्य पार्टियों के समर्थन से किसानों और खेत मजदूरों के हित में तैयार किया गया था।

मोदी सरकार की ओर से विधेयक में किए गए संशोधनों का विरोध अब कांग्रेस ही नहीं, बल्कि उस जैसी सोच रखने वाली एनडीए की घटक पार्टियां भी कर रही हैं।

सोनिया गांधी ने पत्र में उन मुद्दों का भी जिक्र किया है, जिन्हें लेकर कांग्रेस को विधेयक में संशोधनों पर ऐतराज है। पत्र के जरिए उन्होंने भाजपा को छोटी सोच से ऊपर उठकर किसानों के हितों की रक्षा करने की नसीहत दी है।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें