न्यूजीलैंड के ऑकलैंड में हुई हत्या के आठ दिन बाद मंजीत का शव जैसे ही करनाल के गांव दरड़ में पहुंचा तो मां बेहोश हो गई। ऑकलैंड में ही रह रहे नवनीत ने बताया कि मंजीत पर छह माह पहले भी हमला हुआ था, लेकिन वहां की पुलिस ने कुछ नहीं किया।
नम आंखों से पूरे गांव ने मंजीत को अंतिम विदाई दी। इस दौरान शहर की सामाजिक संस्थाओं समेत सैकड़ों की संख्या में लोग मौजूद रहे। सुबह करीब दस बजे जैसे ही ऑकलैंड से मंजीत का शव गांव में पहुंचा तो परिवार के हर सदस्य की आंखें नम हो गईं।
हर कोई मंजीत को देखना चाहता था। माता कुलदीप कौर व पिता जीत सिंह ने जैसे ही बेटे का चेहरा देखा तो बदहवाश हो गए। जैसे ही ग्रामीणों को शव पहुंचने की सूचना मिली तो सारा गांव मौके पर एकजुट हो गया। इसके बाद नम आंखों से युवक का अंतिम संस्कार कर दिया गया।