चंडीगढ़। करवाचौथ का व्रत हर सुहागिन के लिए महत्वपूर्ण होता है। सौभाग्यवती महिलाएं करवा चौथ व्रत के लिए तैयार हैं। हाथों में मेहंदी, आंखों में काजल, दोनों हाथों में रंग-बिरंगी चूड़ियां पहनकर शुक्रवार को निर्जला व्रत का संकल्प सरगी के साथ तड़के लेंगीं। पहले सूर्यास्त और फिर चांद का इंतजार रहेगा। चांद भी रात 8 बजे के बाद ही निकलेगा। चांद को अर्घ्य देकर पति के माथे पर चंदन और अक्षत से तिलक कर उनके हाथों से जल ग्रहण कर व्रत खोलेंगीं।
बीमारी होने के बावजूद भी करेंगी व्रत
मेरी तबीयत खराब है और अस्पताल में एडमिट हूं। पेट की समस्या हो गई थी लेकिन करवाचौथ के व्रत के लिए में अस्पताल से छुट्टी करवा लूंगी। क्योंकि यह व्रत करना है। शादी के बाद किसी भी परिस्थिति में यह व्रत नहीं छोड़ा। मेहंदी रात को लगवानी हैं। मट्ठी में सुराख करके वह चांद को देखेंगी।
-डॉ. चारू, जीएमएसएच 16
एक दिन पहले पीना चाहिए खूब पानी
यह व्रत करना हर महिला अपना सौभाग्य मानती है। इसमें बिना पानी के रहना होता है। इसलिए महिलओं को एक दिन पहले खूब पानी पीना चाहिए। ताकि बॉडी हाइड्रेट रह सके। व्रत के दिन धूप से बचाव और भारी कार्य करने से बचना चाहिए। मैं करवाचौथ के लिए एक दिन पहले ही खूब पानी पीती हूं।
-डॉ. नैन्सी साहनी, पीजीआई
पत्नी के साथ डॉक्टर होने की निभाएंगी जिम्मेदारी
6 बजे अस्पताल से घर पहुंची हूं। रात में मेंहदी लगवाऊंगी। 23 साल से करवाचौथ के दिन कभी छुट्टी नहीं ली। मैं सुबह सरगी खाऊंगी और सुबह 8 बजे पीजीआई पहुंच जाऊंगी। पत्नी के साथ डॉक्टर होने की जिम्मेदारी भी निभानी है। मुझे अपने डॉक्टर साथियों के साथ पूजा करना और सेल्फी लेना पंसद है।
डॉ. काजल, पीजीआई