सिर्फ पैसों के लिए उस योजना का सर्टिफिकेट दे रहे, जो चंडीगढ़ में लागू ही नहीं
प्रधानमंत्री ग्रामीण डिजिटल साक्षरता अभियान (पीएमजी दिशा) योजना के माध्यम से ग्रामीण जनता को डिजिटल उपकरण जैसे कंप्यूटर, स्मार्टफोन, टेबलेट आदि उपकरणों के बारे में जानकारी देने के साथ-साथ उन्हें किस प्रकार उपयोग किया जाएगा, इसका प्रशिक्षण प्रदान किया जाना था लेकिन ये लोग बिना किसी ट्रेनिंग, परीक्षा के सर्टिफिकेट जारी कर रहे थे। हालांकि लोगों ने कहा कि अगर कोई सर्टिफिकेट जारी हुआ था तो उन्हें ऐसा कुछ दिया भी नहीं गया। दूसरी तरफ, ये योजना चंडीगढ़ में लागू भी नहीं है, क्योंकि सभी गांवों के नगर निगम में शामिल होने के बाद यहां कोई इलाका ग्रामीण नहीं है। प्रशासन के अधिकारियों ने भी इस बात की पुष्टि की है लेकिन ये लोग सिर्फ कुछ पैसों के लिए शहर के लोगों को उस योजना में शामिल कर रहे थे, जिसका लाभ शहरवासियों को मिलना ही नहीं है। इन्होंने लोगों से पैसे नहीं लिए लेकिन योजना के तहत ट्रेनिंग और सर्टिफिकेट देने के लिए सरकार की तरफ से पैसे मिलते हैं।
जो हमारे ऊपर हैं, उनसे मिला देंगे... कौन है ऊपर पूछने पर काट दिया फोन
पूरे मामले को लेकर जब अमर उजाला ने मंदीप से बात की तो उसने भाजपा के कुछ नेताओं का नाम लिया। इसके बाद कहा कि मलोया में रविवार को कुछ बातचीत हो गई थी लेकिन वह वहां से भागे नहीं थे। कॉलोनी है तो लोग जल्दी इकट्ठा हो जाते हैं। लोगों ने जो पूछा, उसका जवाब दिया। कहा कि वह मलोया में बेसिक कंप्यूटर का सर्टिफिकेट बना रहे थे। कुछ लोगों को यही बोला था, मगर वह समझ नहीं रहे थे। हालांकि जब रिपोर्टर ने पूछा कि बिना ट्रेनिंग और परीक्षा के सर्टिफिकेट कैसे दे रहे तो उसने तुरंत बयान बदल लिया और कहा कि सभी लोगों का पहले पेपर होगा, उसके बाद उन्हें सर्टिफिकेट मिलेगा। इसके बाद कहा कि जो उनके ऊपर हैं, उनसे मिला देंगे। जब रिपोर्टर ने पूछा कि ऊपर कौन है, तो फोन काट दिया।
वायरल वीडियो में मंदीप ने माना कि उसने झूठ बोला
विरोध के बाद रविवार को लोगों ने मंदीप को घेर लिया। इसकी एक वीडियो भी वायरल हुई है, जिसमें मंदीप यह कबूल कर रहा है उसने झूठ बोला कि वह आयुष्मान कार्ड बना रहा है। ऐसा लोगों को एकत्रित करने के लिए किया। आगे कहा कि उसने दूसरी गलती यह कि उनके पास मोहाली के कॉमन सर्विस सेंटर (सीएससी) का लाइसेंस है लेकिन चंडीगढ़ में आ कर काम कर रहे हैं।
जरूरत पड़ी तो आपराधिक मुकदमा दर्ज कराएंगे
मुझे कुछ दिन पहले इसकी शिकायत मिली थी तो मैंने पार्टी के मेडिकल सेल के पदाधिकारी को जांच के लिए भेजा था। उन्होंने कहा कि यह ठीक नहीं है तो तुरंत शिविर को रुकवा दिया था। हम लोगों के साथ कुछ गलत नहीं होने देंगे। अगर जरूरत पड़ी तो व्यक्ति के खिलाफ आपराधिक मुकदमा दर्ज कराएंगे।
- अरुण सूद, प्रदेश अध्यक्ष, भाजपा
यह बहुत ही गंभीर मामला है। लोगों को तुरंत इसकी शिकायत पुलिस को देनी चाहिए। आधार कार्ड, फिंगरप्रिंट और मोबाइल नंबर का डाटा बहुत संवेदनशील होता है। कोई भी इसका दुरुपयोग कर सकता है। - धर्मपाल, सलाहकार, यूटी प्रशासक