चंडीगढ़ में रविवार को सूर्यग्रहण का खूबसूरत नजारा देखने को मिला। यह चमकती अंगूठी की तरह था। किसी ने दूरबीन की जरिये तो किसी ने एक्स-रे फिल्म के जरिये सूर्यग्रहण को देखा। जैसे-जैसे चंद्रमा सूर्य के आगे आता जा रहा था वैसे वैसे पृथ्वी पर अंधेरा सा छाने लगा।
जैसे सूर्य के सामने गहरे बादल आ जाते हैं, ठीक वैसा ही नजारा पृथ्वी पर रहा। खगोलशास्त्रियों के मुताबिक इस सूर्यग्रहण से न किसी को लाभ न है न हानि। यह एक खगोलीय घटना है जो अक्सर होती है। दोपहर दो बजे के बाद सूर्य अपने पूरे प्रभाव में दिखा और धूप निकली।
दूरबीन के जरिये देखा सूर्यग्रहण, कुछ घरों में रहे
सभी को सूर्यग्रहण का इंतजार था। कुछ भ्रांतियां पाले थे तो कुछ सूर्यग्रहण को देखने का इंतजार कर रहे थे। जैसे ही सुबह के साढ़े दस बजे तो सूर्यग्रहण का चक्र शुरू हो गया। लोगों ने टेलीस्कॉप तो कुछ ने एक्स-रे आदि के जरिये ग्रहण का नजारा देखा। बाजारों में भी लोगों ने दूरबीन आदि के जरिये देखने की कोशिश की।
टीवी व सोशल मीडिया पर भी लोगों ने तस्वीरें देखीं और आनंद उठाया। कुछ लोग घरों में रहे। बाहर नहीं निकले। बच्चों को भी घर में ही रखा गया। पंजाब यूनिवर्सिटी के भौतिक विज्ञान विभाग के प्रोफेसर संदीप सहजपाल ने इस पर अध्ययन किया। उन्होंने सुबह 10.30 बजे से लेकर पीक ऑवर तक टेलीस्कॉप से उसकी तस्वीरें लीं और अध्ययन किया।