करन मोहाली के फेज-2 स्थित पीजी में पिछले करीब 4 साल से रहता था। दोस्तों ने बताया कि शुक्रवार देर रात करीब 11.30 बजे दोनों यह कहकर निकले कि वे किसी काम से जा रहे हैं, अभी आकर खाना खाऊंगा। काफी देर दोनों का इंतजार किया गया, लेकिन वह अपने कमरे में नहीं आए। जिसके बाद पता चला कि दोनों की सड़क हादसे में मौत हो गई।
एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर तो दूसरा क्वालिटी चेकर
भूपिंदर घर का सबसे बड़ा बेटा था। वह मोहाली स्थित एक आईटी कंपनी में सॉफ्टवेयर इंजीनियर था। जबकि करन सबसे छोटा था और वह मोहाली की एक मल्टी नेशनल कंपनी में क्वालिटी चेकिंग का काम करता था। दोनों एक दूसरे के अच्छे दोस्त थे। कई बार घर दोनों इकट्ठे निकलते थे।
छाया रहता है अंधेरा
सेक्टर-25 से धनास की ओर जाने वाली सड़क पर देर रात को ज्यादातर समय अंधेरा छाया रहता है। वजह है कि कई जगह की स्ट्रीट लाइटें बंद होती हैं। ऐसे में वहां इससे पहले भी कई हादसे हो चुके हैं, इसके अलावा कई बार स्नैचिंग और लूट की वारदातें भी सामने आ चुकी हैं। हादसे के समय अगर वहां अंधेरा न होता तो शायद दोनों की जान बच सकती थी।
पोस्टमार्टम कर शव परिजनों को सौंपा
शनिवार दोपहर भूपिंदर का जीएमएसएच-16 और करन का पीजीआई में पोस्टमार्टम हुआ। इसके बाद पुलिस ने कार्रवाई पूरी होने के बाद दोनों के शव परिजनों को सौंप दिए। इस दौरान दोनों के परिवारों में मातम छाया रहा। उन्हें यकीन ही नहीं हो रहा था कि अब उनके बीच लाडला नहीं रहा। रोते बिलखते भूपिंदर के पिता ने बताया कि जो भी हुआ बहुत गलत हुआ।