हौसले बुलंद हों तो कामयाबी मिलती ही है। इसे वास्तविक जीवन में सच साबित किया है गुजरात के रहने वाले 32 वर्षीय भावेश पिपलिया ने। भावेश ने देशभर में पर्यावरण के प्रति लोगों को जागरूक करने का बीड़ा उठाया है।
साइकिल पर पूरे देश में 12 हजार किलोमीटर की यात्रा करने के बाद भावेश अब चार पहिया की बाइक पर जम्मू से कन्याकुमारी तक भ्रमण के लिए निकल पड़े हैं। एक साल में पोलियो की वजह से भावेश के दोनों पैर खराब हो गए। वे 80 फीसदी दिव्यांग हैं, इसके बाद भी उनके हौसल कम नहीं हैं। भावेश सोमवार को चंडीगढ़ पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने अपने अनुभव के बारे में बताया।
15 दिसंबर से शुरू हुई थी यात्रा
भावेश की इस यात्रा को 15 दिसंबर को जम्मू कश्मीर के उपमुख्यमंत्री डा. निर्मल सिंह ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया था। वे पंजाब के 11 जिलों में भ्रमण करते हुए चंडीगढ़ पहुंचे हैं। इसके बाद हरियाणा के 12 जिलों से होते हुए उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड आदि के बाद कन्याकुमारी पहुंचेंगे। यह पूरी यात्रा 6 महीने में खत्म होगी। वे करीब 18 हजार किलोमीटर का सफर तय करेंगे। भावेश के भारत भ्रमण का उद्देश्य पर्यावरण की सुरक्षा के लिए जन-जागृति फैलाना और विकलांगों के हक की मांग करना है।