एक्टिविस्ट सीमा आजाद ने सांसद किरण खेर के कायर कहने और बहस के लिए बुलाने पर अपनी प्रतिक्रिया उन्हीं के ही लहजे में अपनी फेसबुक वॉल पर दी है। उन्होंने लिखा कि जिस दिन मैं उनके क्षेत्र पंजाब यूनिवर्सिटी में गई और बहस के लिए वहां मौजूद थी तो उन्होंने मेरी गिरफ्तारी के आदेश करवा दिए।
अब असफल होने पर मुझे ललकार रहीं हैं। सीमा आजाद ने लिखा कि अगर सांसद में उनसे बहस का साहस होता तो उस दिन गिरफ्तारी के आदेश रद्द करवाकर वाद-विवाद के लिए आतीं और एसएफएस का कार्यक्रम होने दिया होता।
आजाद ने कहा कि पीयू की घटना ने लोकतंत्र की स्थिति को भी उजागर कर दिया है। उन्होंने लिखा कि वह पीयू में सोवियत क्रांति और छात्र राजनीति के बीच संबंध पर बोलने आईं थीं। देश में प्रभावी हो रही तानाशाही ताकतों पर चोट के लिए एसएफएस इस सेमिनार का आयोजन करना चाहती थी। पाबंदियों के बाद भी एसएफएस अपने मकसद में कामयाब रही।