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सरहद पार से तस्करी: सीमावर्ती जिलों में तैनात होंगे कमांडो-शार्पशूटर, बीएसएफ के अधिकार क्षेत्र में बढ़ोतरी पर उठाए कदम

Wed, 20 Oct 2021 11:53 PM IST
निवेदिता वर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़

सार

पंजाब के सीमावर्ती जिलों में केवल सशस्त्र बलों को तैनात किया जाएगा और इन बलों को साधारण धरने-प्रदर्शन, जनसभाओं और रैलियों की व्यवस्था में तैनात नहीं किया जाएगा।
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सुखजिंदर रंधावा। - फोटो : फाइल फोटो
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विस्तार
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केंद्र सरकार द्वारा पंजाब में पाक सीमा से सटे जिलों में बीएसएफ का अधिकार क्षेत्र बढ़ाए जाने के खिलाफ पंजाब सरकार ने अपने स्तर पर कदम उठाने शुरू कर दिए हैं। वहीं सीमा पार से हथियारों और नशे की लगातार हो रही आमद राज्य पुलिस और बीएसएफ दोनों के लिए चुनौती बनी हुई है। बुधवार को भी तरनतारन जिले में पंजाब पुलिस और बीएसएफ की साझा कार्रवाई में सीमा पार से ड्रोन के जरिए गिराए गए 22 पिस्तौल, 44 मैगजीन समेत 934 ग्राम हेरोइन बरामद की गई।

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दो दिन पहले ही उपमुख्यमंत्री सुखजिंदर सिंह रंधावा ने एलान किया था कि केंद्र सरकार द्वारा पंजाब के जिलों में बीएसएफ का अधिकार क्षेत्र बढ़ाने का फैसला उन्हें किसी भी स्तर पर मंजूर नहीं है और पंजाब सरकार अपने सीमावर्ती जिलों की सुरक्षा करने में पूरी तरह सक्षम हैं। 

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बीएसएफ का तोड़ ढूंढने के लिए रंधावा ने एलान किया कि राज्य सरकार सीमावर्ती जिलों में कमांडो और शार्पशूटर तैनात करेगी और उन्हें अत्याधुनिक हथियार व उपकरण मुहैया कराए जाएंगे। अपनी योजना का खुलासा करते हुए रंधावा ने कहा है कि पंजाब सशस्त्र बल (पीएपी) और आईआरबी के विशेष कमांडो को कानून-व्यवस्था के लिए तैनात किया जाएगा। इसके साथ ही प्रत्येक सीमावर्ती जिले में काउंटर इंटेलिजेंस के एसपी और डीएसपी स्तर के अफसर इलाके में पाकिस्तान की गतिविधियों की सूचनाएं रेंज अफसरों के साथ साझा करते हुए नशे और हथियारों की तस्करी की किसी भी गतिविधि को रोकने के लिए पंजाब पुलिस के साथ साझा कार्रवाई में शामिल होंगे।

रंधावा ने यह भी साफ कर दिया कि सीमावर्ती जिलों में केवल सशस्त्र बलों को तैनात किया जाएगा और इन बलों को साधारण धरने-प्रदर्शन, जनसभाओं और रैलियों की व्यवस्था में तैनात नहीं किया जाएगा। यह सभी पुलिस बल सीमा पार की गतिविधियों पर पैनी नजर रखते हुए अपने जिलों की सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करेंगे। 
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रंधावा का कहना है कि बीएसएफ को जिस तरह बॉर्डर से 50 किमी. भीतर तक सीधी कार्रवाई का अधिकार केंद्र सरकार द्वारा दिया जा रहा है, उसकी पंजाब को कोई जरूरत नहीं है क्योंकि पंजाब पुलिस के पास अपना मजबूत तंत्र है जो सीमावर्ती जिलों के भीतरी इलाकों में प्रत्येक गतिविधि पर नजर रखता है। उन्होंने कहा कि इन जिलों में राज्य पुलिस द्वारा नाकाबंदी और वाहनों की जांच के काम को ओर चुस्त-दुरुस्त किया जाएगा।

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