फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

4 साल से अधर में लटकी है स्मार्ट कार्ड योजना

Thu, 27 Mar 2014 12:12 PM IST
अमर उजाला, चंडीगढ़
विज्ञापन
विज्ञापन
इस योजना की शुरूआत वर्ष 2010 में हुई थी। चार साल होने को हैं, लेकिन खाद्य एवं आपूर्ति विभाग अभी तक इसे अमलीजामा नहीं पहना सका है। इसके लिए केंद्र सरकार ने एक करोड़ दस लाख रुपये स्वीकृत हुए थे। जो स्मार्ट कार्ड बने भी हैं, उसमें शेष प्रक्रिया अभी बाकी है।
विज्ञापन


नए नेशनल फूड सिक्योरिटी एक्ट के तहत कुछ और प्रावधान इसमें जोड़ने बाकी हैं। इसके लिए खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के अधिकारियों ने कुछ प्रावधानों पर नेशनल इंफार्मेटिक सेंटर (एनआईसी) को सुझाव भेजे हैं। अधिकारियों का कहना है कि जैसे ही एनआईसी से क्लीयरेंस मिल जाएगा उस पर तुरंत काम शुरू हो जाएगा।

करीब 45 हजार लोगों को स्मार्ट कार्ड बांट दिए गए हैं। नए फूड सिक्योरिटी एक्ट के प्रावधान जोड़ने के लिए उसमें एक चिप लगाना है। उन्हें बांटा गया है। विभाग की ओर से कहा गया है कि उसे अपने पास रखें। उसमें नए प्रावधानों के लिए चिप लगाया जाएगा। करीब 50 हजार फार्म आ गए हैं।
विज्ञापन


क्या हैं स्मार्ट कार्ड के लाभ
इस कार्ड का लाभ यह है कि इससे राशन में हेराफेरी की गुंजाइश नहीं है। असली पात्र को ही राशन मिलेगा। इससे एक पर्ची भी मिलेगी। सारा सिस्टम कंप्यूटराइज हो जाएगा।
विज्ञापन


नेशनल फूड सिक्योरिटी एक्ट के अंतर्गत अभी काम चल रहा है। एनआईसी में क्लीयरेंस के लिए भेजा है। चुनाव के बाद स्मार्ट कार्ड की योजना में तेजी आएगी।
-दानिश अशरफ, ज्वाइंट डायरेक्टर, खाद्य एवं आपूर्ति विभाग, चंडीगढ़
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें