उन्होंने कहा कि कोई कांग्रेस विधायक इसमें शामिल नहीं है। सुरक्षा व कानून व्यवस्था की जिम्मेदारी सरकार की है। उस पर सरकार ध्यान दे, यह प्रस्ताव लाने की कोई जरूरत नहीं। हुड्डा ने स्पीकर से कहा कि आप प्रोटेक्शन मुहैया कराओ। स्पीकर ने कहा कि हुड्डा साहब आपको सदन के भीतर व बाहर प्रोटेक्शन को लेकर साथ हूं।
लोकतंत्र की रक्षा के लिए पक्ष-विपक्ष की बराबर जिम्मेदारी : मनोहर
मुख्यमंत्री ने कहा कि लोकतंत्र की रक्षा के लिए जितनी जिम्मेदारी सत्ता पक्ष की होती है उतनी ही विपक्ष की भी होती है। विपक्ष के कुछ विधायकों का रोजाना व्यवहार लोकतंत्र के लिए खतरा है। उन्होंने रघुबीर कादियान के व्यवहार पर आपत्ति जताई और कहा कि सरकार के संयम व विनम्रता को कुछ लोग कमजोरी समझ रहे हैं। कांग्रेस के कुछ लोग किसानों को उकसाना बंद करें। वह जो प्रस्ताव सदन में लाए हैं, अगर सदन बहुमत से पारित करता है तो कराएं।
किसानों को नहीं उकसा रही कांग्रेस, कानून हाथ में लेने वालों पर कार्रवाई हो : हुड्डा
नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने स्पष्ट किया कि कांग्रेस का कोई भी विधायक किसी संगठन या वर्ग को राजनेताओं का वहिष्कार करने के लिए न तो उकसा रहा है और न ही उकसाने के लिए कहेगा। कानून हाथ में लेने वालों पर कार्रवाई होनी चाहिए। हुड्डा ने बिजली मंत्री रणजीत चौटाला के सदन में संयमित व्यवहार के आग्रह पर कहा कि उन्होंने कभी संयम नहीं खोया। कोई उदाहरण है तो बताओ, स्पीकर ने हुड्डा की बात का समर्थन किया।
सरकार के खिलाफ पहले ही पास कर चुके निंदा प्रस्ताव : चढूनी
संयुक्त किसान मोर्चा के सदस्य गुरनाम सिंह चढूनी का कहना है कि सरकार के निंदा प्रस्ताव पास करने से कुछ नहीं होता। जनता और किसान पहले ही इनके खिलाफ निंदा प्रस्ताव पास कर चुके हैं। वजह, इन नेताओं ने किसानों से वोट लेकर उनके खिलाफ ही काम किया। इसलिए सरकार के सभी नेता निंदा के लायक हैं। जिस तरह से अभी तक भाजपा-जजपा नेताओं का विरोध किया है, भविष्य में भी जारी रहेगा।