हीरो है मेरा भाई
रवीश के भाई सोहेल प्रताप मलिक ने कहा कि हमें उसे पर गर्व है वह अब शारीरिक रूप से हमारे साथ नहीं है, लेकिन अपने नेक काम के माध्यम से वह हीरो है। वह हमेशा दूसरों की मदद करने में विश्वास करता था और उसने दुनिया से जाते हुए भी इसे जारी रखा है। रवीश को अंतिम विदाई देते हुए पीजीआई में एकत्र हुए लोगों के साथ ही वहां मौजूद पादरी ने कहा कि उनका जीवन भले ही छोटा हो गया हो, लेकिन उनकी आत्मा मानवता के लिए उनके अंतिम उपहार के माध्यम से चमकती रहेगी।