अवैध खनन के खिलाफ कार्रवाई तेज करते हुए पंजाब के खनन और भूविज्ञान मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने गुरुवार को अधिकारियों को रोपड़ जिले के नंगल शहर के निकट खेड़ा कलमोट क्षेत्र के सभी क्रशरों को तुरंत सील करने का निर्देश जारी किया। कैबिनेट मंत्री ने बताया कि खेड़ा कलमोट क्षेत्र में अवैध खनन और पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने की शिकायतें मिलने के बाद खनन विभाग ने वीडियोग्राफी टीम भेजी थी। जांच के बाद खेड़ा कलमोट पट्टी के सभी क्रशरों को सील कर दिया गया है।
बैंस ने कहा कि पिछली सरकारों के दौरान डिफाल्टरों के खिलाफ कई शिकायतें उठाई गई थीं और कहा जाता है कि पूर्व विधानसभा अध्यक्ष राणा केपी के दामाद के विरुद्ध भी अवैध खनन के आरोप लगे थे लेकिन उन्हें क्लीन चिट दे दी गई और उनके खिलाफ आज तक कोई सख्त कार्रवाई नहीं की गई।
कैबिनेट मंत्री ने खनन अधिकारियों के साथ एक अहम मीटिंग की और उन्हें खनन साइटों पर नियमित तौर पर जांच का निर्देश दिया। मंत्री ने कहा कि सभी ठेकेदारों को सख्ती से चेतावनी दी गई है कि वह खनन विभाग के सभी बकाए तुरंत जमा करवाएं। ऐसा न करने की सूरत में उनके ठेके रद्द कर दिए जाएंगे और वसूली की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। बैंस ने कहा कि खनन विभाग की तरफ से अमृतसर और मोगा में आम लोगों को उचित मूल्य पर रेत की सप्लाई करने के लिए स्वयं-संचालित खनन साइटों को भी शुरू किया जाएगा।
इन क्रेशर प्लांटों को किया गया सील
गांव खेड़ा कलमोट में छह क्रशर प्लांट को सील किया गया है। खनन अधिकारी विपन कंबोज ने बताया कि पंजाब सरकार ने जिले में ठेकेदार द्वारा किस्त न जमा करवाने के कारण ठेकेदार का लाइसेंस निलंबित कर दिया था। इसके बावजूद टीम ने जांच में पाया कि पहाड़ियों में लगे स्टोन क्रेशर गैरकानूनी ढंग से चल रहे हैं। खनन अधिकारी ने बताया कि महावीर स्टोन क्रेशर, गिल स्टोन क्रेशर, कलगीधर स्टोन क्रेशर, गुरू स्टोन क्रेशर, न्यू सतलुज स्टोन क्रेशर और गुरिन्दर दोआबा स्टोन क्रेशर पर कार्रवाई की गई है।
इनका रजिस्ट्रेशन रद्द कर दिया गया है और छह क्रशर को पक्के तौर पर सील कर दिया गया है। विपन कंबोज ने बताया कि गैरकानूनी ढंग से चल रहे इन क्रशर की जानकारी पुलिस विभाग को दे दी गई है। जिले की डिप्टी कमिशनर डॉ. प्रीति यादव ने कहा कि किसी भी स्तर पर अवैध खनन को नहीं चलने दिया जाएगा। इसमें शामिल किसी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा।