चंडीगढ़। शहर में डेंगू से स्थिति गंभीर होती जा रही है। महज चंद दिनों में मरीजों का आंकड़ा 200 से बढ़कर 325 पर पहुंच गया है। इससे प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग बेहद चिंतित है। अधिकारियों और कर्मचारियों का कहना है कि कुछ प्रभावित क्षेत्रों के कारण मरीजों की संख्या पर काबू नहीं मिल पा रहा। वहां लोग बचाव व राहत कार्य में सहयोग नहीं कर रहे जो उनके लिए खतरनाक स्थिति उत्पन्न कर रहा है। मलेरिया विभाग की रिपोर्ट के अनुसार शहर के कुछ इलाके डेंगू के हॉट स्पॉट बन चुके हैं। इनमें मनीमाजरा सबसे ऊपर है। यहां अब तक 44 मरीज मिल चुके हैं। वहीं दूसरे नंबर पर बुड़ैल है। वहां भी डेंगू के मरीजों का आंकड़ा 30 के पार हो गया है। देखते ही देखते होने लगे पंचकूला जैसे हालात होने लगे हैं।
ऐसे में विभाग को इस बात की चिंता सता रही है कि कहीं कोरोना की तरह डेंगू में भी ये इलाके ही चपेट में न आ जाएं। विशेषज्ञों का कहना है कि जिन इलाकों में कोरोना का संक्रमण ज्यादा था वहां के लोगों को डेंगू से बचाव के लिए सचेत रहने की जरूरत है क्योंकि उनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता पहले से काफी कम हो चुकी है। ऐसे में उन्हें संक्रमण का खतरा ज्यादा है। फिर चाहे संक्रमण कोरोना का हो या डेंगू या मलेरिया का।
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प्रतिदिन मिल रहे 10 से 15 मरीज
स्थिति इस कदर गंभीर हो गई है कि 24 घंटे में 10 से 15 मरीज सामने आने लगे हैं। फिर भी लोग इसे लेकर गंभीरता नहीं दिखा रहे हैं। हालांकि भर्ती मरीजों की संख्या अभी उस कदर ज्यादा नहीं हुई है कि बेड की कमी जैसी स्थिति उत्पन्न हो। फिर भी स्वास्थ्य विभाग स्थिति की गंभीरता को देखते हुए तैयारियों को चुस्त करने में जुटा हुआ है। विशेषज्ञों का कहना है कि बुखार के लक्षण सामने आने पर जितनी जल्दी हो जांच कराना फायदेमंद साबित होगा क्योंकि अगर डेंगू समय रहते पता चल गया तो स्थिति गंभीर होने की नौबत नहीं आएगी।
इनसेट
यह इलाके बने हॉट स्पॉट
मनीमाजरा, बुड़ैल, धनास न्यू कॉलोनी, मौलीजागरां, दड़वा, हल्लोमाजरा और मलोया।
इनसेट-
वर्ष/माह डेंगू के मरीज (प्रत्येक वर्ष में 30 अक्टूबर तक)
वर्ष डेंगू के मरीज
2022 में 4 अक्टूबर तक 325
2021 805
2020 89
2019 82
2018 115
इनसेट-
मच्छर सताए तो इन नंबरों पर फोन लगाए
0172-2740408
0172-2722338
7626002036
0172-4174939
कोट
डेंगू से बचाव के लिए मलेरिया विभाग प्रतिदिन अगल-अलग क्षेत्रों में फॉगिंग कर रहा है। बचाव के लिए जरूरी है कि अपने घर के आस-पास या घर के अंदर पानी एकत्र न होने दें। प्रभावित क्षेत्रों से संबंधित सूचना जारी हेल्पलाइन नंबरों पर दें, ताकि वहां शीघ्र बचाव कार्य किया जा सके।
यशपाल गर्ग, स्वास्थ्य सचिव