इन सवालों के जवाब तलाश रही एसआईटी
- गोली चलाने के किसने दिए थे आदेश?
- क्या पुलिस ने अपने बचाव में चलाई थी गोली?
- गोली चलाने के पीछे कोई राजनीतिक दबाव तो नहीं था?
अब तक इनसे हो चुकी है पूछताछ
कोटकपूरा गोलीकांड मामले एसआईटी अब पूर्व डीजीपी सुमेध सैनी समेत तीन पुलिस अफसरों का नार्को टेस्ट कराने की तैयारी में है। एसआईटी ने शुक्रवार को फरीदकोट की अदालत में आवेदन दाखिल कर पंजाब के पूर्व डीजीपी सुमेध सिंह सैनी, निलंबित आईजी परमराज सिंह उमरानंगल व पूर्व एसएसपी चरनजीत सिंह शर्मा का नार्को, लाई डिटेक्टर व ब्रेन मैपिंग टेस्ट करवाने की इजाजत मांगी है। इस आवेदन पर अदालत ने संबंधित पुलिस अधिकारियों को नोटिस जारी कर जवाब-तलब किया है।
यह था मामला
अक्तूबर, 2015 में फरीदकोट में श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के पावन अंग बिखरे पाए जाने के बाद कोटकपूरा में सिखों ने विरोध प्रदर्शन किया था। 14 अक्तूबर, 2015 को कोटकपूरा में पुलिस ने प्रदर्शन कर रही भीड़ पर फायरिंग कर दी थी। इसमें दो लोगों की मौत हो गई थी और कई लोग घायल हुए थे।