मुरथल गैंगरेप की जांच के लिए गठित की गई एसआईटी ने वीरवार को इस मामले में हाईकोर्ट द्वारा लिए गए संज्ञान पर सुनवाई के दौरान अपनी फाइनल रिपोर्ट सौंप दी। हाईकोर्ट ने इस रिपोर्ट को एमिकस क्यूरी अनुपम गुप्ता को सौंप दी जो इसे पढ़कर अगली सुनवाई पर बहस करेंगे। इसके साथ ही कोर्ट के आदेश पर सरकार ने कोर्ट मित्र को केस डायरी भी सौंप दी।
कोर्ट ने 19 फरवरी 2016 से लेकर 22 फरवरी 2016 तक की आईजी परमजीत अहलावत, एसपी सोनीपत, डीसी, एसडीएम, डीएसपी तथा एसएचओ मुरथल सोनीपत की कॉल डिटेल अगली सुनवाई पर एमिक स क्यूरी को सौंपने के आदेश दिए हैं। मामले की अगली सुनवाई 24 जनवरी को होगी।
पिछली सुनवाई पर पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने हरियाणा सरकार को आदेश दिया था कि वो सोनीपत के सभी पुलिस अधिकारियों के मोबाइल की काल डिटेल मामले की अगली सुनवाई पर कोर्ट में पेश करें। बहस के दौरान अनुपम गुप्ता ने सरकार पर इस मामले में सही जांच न करने का आरोप लगाते हुए कहा था कि पुलिस इस मामले की सही जांच नही कर रही है। मुरथल गैंगरेप मामले की जांच पर सीनियर एडवोकेट अनुपम गुप्ता ने पूरी तरह से असंतोष जताते हुए कहा कि वे रिकार्ड पर कोर्ट में कह रहे हैं कि ममता सिंह की अगुवाई वाली टीम मामले की जांच सही दिशा में नहीं कर रही है। एक साल का समय बीत गया है लेकिन जांच में कुछ भी सामने नहीं आया। उल्टा मामले के जरूरी एविडेंस समय के साथ कमजोर हो रहे हैं। बेहतर होता कि सीबीआई को मामले की जांच दी जाती। गुप्ता ने कहा था कि रोहतक में दर्ज 1212 मामलों में 921 में अनट्रेस रिपोर्ट दी गई है। 184 मामलों में आरोपियों का कोई क्लू नहीं है। इस तरह 1105 मामलों को डस्टबिन का रास्ता दिखा दिया गया है।