पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट की हिदायत पर पंजाब पुलिस के एडीजीपी एलके यादव की अध्यक्षता वाली एसआईटी ने दोनों ही एफआईआर की पड़ताल के बाद इसी साल 24 फरवरी को जेएमआईसी की अदालत में करीब सात हजार पेज की चार्जशीट दाखिल की थी। इसमें प्रकाश बादल, सुखबीर बादल के अलावा छह पुलिस अधिकारियों तत्कालीन डीजीपी सुमेध सैनी, आईजी परमराज उमरानंगल, डीआईजी फिरोजपुर अमर सिंह चाहल, एसएसपी मोगा चरनजीत सिंह शर्मा, एसएसपी फरीदकोट सुखमंदर सिंह मान व तत्कालीन एसएचओ सिटी कोटकपूरा गुरदीप सिंह को आरोपी बनाया गया था।
चार्जशीट दाखिल होने के बाद यह सभी आरोपी अग्रिम जमानत करवाकर अदालत में पेश हो चुके हैं और इन्हें 5-5 लाख के जमानती बॉन्ड पर रिहा किया जा चुका है। मंगलवार को मामले की सुनवाई के दौरान एसआईटी ने इन सभी के खिलाफ पूरक चालान दाखिल कर दिया।
फरीदकोट के एसएसपी हरजीत सिंह के अनुसार एफआईआर नंबर 129 में पांच हिस्सों में 1284 पेज और एफआईआर नंबर 192 में भी पांच हिस्सों में 1213 पेज का पूरक चालान पेश किया गया है। उन्होंने कहा कि पूरक चालान में फिलहाल कोई भी नया आरोपी शामिल नहीं किया गया है लेकिन इसमें कई अहम दस्तावेज शामिल किए गए हैं। इसमें प्रमुख रूप से आरोपियों के खिलाफ केस चलाने संबंधी पंजाब सरकार की मंजूरी और जांच में सामने आए नए तथ्यों को शामिल किया गया है।