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एसआईटी का दावा, गोलीकांड मामले की जांच के दायरे में हैं सुखबीर और प्रकाश सिंह बादल

Wed, 29 May 2019 12:08 AM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, फरीदकोट (पंजाब)
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प्रकाश सिंह बादल और सुखबीर बादल - फोटो : File Photo
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एसआईटी की तरफ से बेअदबी मामले से संबंधित कोटकपूरा गोलीकांड की घटना में एक दिन पहले यहां की अदालत में दाखिल करीब दो हजार पेज के चालान में कई सनसनी खुलासे किए हैं। 

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फिलहाल एसआईटी ने कोटकपूरा गोलीकांड मामले में आईजी परमराज सिंह उमरानंगल, पूर्व एसएसपी चरनजीत सिंह शर्मा के अलावा पूर्व शिअद विधायक मनतार सिंह बराड़, तत्कालीन एडीसीपी लुधियाना परमजीत सिंह पन्नू, डीएसपी कोटकपूरा बलजीत सिंह व थाना सिटी कोटकपूरा के एसएचओ गुरदीप सिंह के खिलाफ चालान दाखिल किया है। 

जिनमें से आईजी उमरानंगल व पूर्व एसएसपी को गिरफ्तार भी किया जा चुका है और वह दोनों जमानत पर हैं लेकिन चालान में एसआईटी ने पूर्व मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल, पूर्व उपमुख्यमंत्री सुखबीर सिंह बादल के अलावा तत्कालीन डीजीपी सुमेध सिंह सैनी, तत्कालीन डीआईजी फिरोजपुर अमर सिंह चाहिल समेत कुछ अन्य के जांच के दायरे में होने का उल्लेख किया है और इनके खिलाफ जल्द ही सप्लीमेंटरी चालान पेश करने की बात कही है। 
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जानकारी के अनुसार बरगाड़ी बेअदबी मामले से संबंधित बहिबल कलां व कोटकपूरा गोलीकांड मामलों की जांच कर रही एसआईटी ने बहिबल गोलीकांड में तो पिछले माह ही चालान पेश कर दिया था, जबकि कोटकपूरा मामले में चालान सोमवार को पेश किया गया। इस चालान में शिअद के पूर्व विधायक मनतार सिंह बराड़ के अलावा पांच पुलिस अधिकारियों को बतौर आरोपी नामजद किए जाने की जानकारी दी गई है।

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इसके अलावा प्रकाश सिंह बादल, सुखबीर सिंह बादल, सुमेध सिंह सैनी ,अमर सिंह चाहिल व कुछ अन्यों के खिलाफ जांच जारी रहने का दावा किया है। एसआईटी के अनुसार घटना वाले दिन 14 अक्तूबर 2015 को धरनाकारियों पर सख्त कार्रवाई करने की मंशा से आईजी व तत्कालीन पुलिस कमिश्नर लुधियाना परमराज सिंह उमरानंगल ने लुधियाना व मोगा से अपनी अधीनस्थ अधिकारियों परमजीत सिंह पन्नू व चरनजीत सिंह शर्मा समेत अन्य दस्तों को कोटकपूरा बुलाया था। 

चालान में डेरा प्रमुख व अक्षय कुमार का भी उल्लेख
एसआईटी ने अदालत में दायर चालान में रोहतक की सुनारिया जेल के अधीक्षक व रोहतक के डिप्टी कमिशनर का भी जिक्र किया है और उन पर अदालत के आदेश के बावजूद जेल में बंद डेरा सच्चा सौदा मुखी गुरमीत राम रहीम से पूछताछ नहीं करने देने के आरोप लगाए हैं। एसआईटी का दावा है कि जांच के दौरान कई गवाहों ने इन घटनाओं के पीछे डेरा सिरसा का हाथ होने के आरोप लगाए थे जिसके बारे में डेरामुखी से पूछताछ होना जरूरी है। 

इसके अलावा चालान में सुखबीर सिंह बादल के 15 सितंबर 2015 को मुंबई में होने का उल्लेख किया गया है और इसके संबंध में उनकी उस दिन की एक फेसबुक पोस्ट की जानकारी दी गई है। एसआईटी का दावा है कि उस दिन फिल्म अभिनेता अक्षय कुमार ने सुखबीर सिंह बादल व डेरा सिरसा प्रमुख गुरमीत राम रहीम की मुलाकात करवाई थी। 
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