इसके अलावा प्रकाश सिंह बादल, सुखबीर सिंह बादल, सुमेध सिंह सैनी ,अमर सिंह चाहिल व कुछ अन्यों के खिलाफ जांच जारी रहने का दावा किया है। एसआईटी के अनुसार घटना वाले दिन 14 अक्तूबर 2015 को धरनाकारियों पर सख्त कार्रवाई करने की मंशा से आईजी व तत्कालीन पुलिस कमिश्नर लुधियाना परमराज सिंह उमरानंगल ने लुधियाना व मोगा से अपनी अधीनस्थ अधिकारियों परमजीत सिंह पन्नू व चरनजीत सिंह शर्मा समेत अन्य दस्तों को कोटकपूरा बुलाया था।
चालान में डेरा प्रमुख व अक्षय कुमार का भी उल्लेख
एसआईटी ने अदालत में दायर चालान में रोहतक की सुनारिया जेल के अधीक्षक व रोहतक के डिप्टी कमिशनर का भी जिक्र किया है और उन पर अदालत के आदेश के बावजूद जेल में बंद डेरा सच्चा सौदा मुखी गुरमीत राम रहीम से पूछताछ नहीं करने देने के आरोप लगाए हैं। एसआईटी का दावा है कि जांच के दौरान कई गवाहों ने इन घटनाओं के पीछे डेरा सिरसा का हाथ होने के आरोप लगाए थे जिसके बारे में डेरामुखी से पूछताछ होना जरूरी है।
इसके अलावा चालान में सुखबीर सिंह बादल के 15 सितंबर 2015 को मुंबई में होने का उल्लेख किया गया है और इसके संबंध में उनकी उस दिन की एक फेसबुक पोस्ट की जानकारी दी गई है। एसआईटी का दावा है कि उस दिन फिल्म अभिनेता अक्षय कुमार ने सुखबीर सिंह बादल व डेरा सिरसा प्रमुख गुरमीत राम रहीम की मुलाकात करवाई थी।