सिरसा डेरा प्रमुख के खिलाफ चल रहे दुराचार के केस में नया मोड़ आ गया है। आरोपी पक्ष की तरफ से 98 नये गवाहों की सूची कोर्ट में देकर इनकी गवाही कराने के लिए कहा गया है, जबकि सीबीआई ने इसका विरोध किया। फिलहाल कोर्ट से इस पर फैसला नहीं आया है।
सीबीआई के वकील एचपीएस वर्मा ने कहा कि सूची इस केस में फैसले में देरी करने के लिए दाखिल की गई है। अगर, फिर से इतनी गवाही हुई तो भविष्य में जल्द फैसला नहीं आ पाएगा।
वहीं, डेरा प्रमुख के वकील एसके गर्ग नरवाना ने कहा कि जब सीबीआई ने कुछ गवाहों के बयान दर्ज कराने के लिए सात साल लगा दिए तो कुछ और समय लगने में क्या हर्ज है?
बता दें कि अभियोजन पक्ष अपनी गवाही बंद कर चुका है और दुराचार की दोनों पीड़िताएं अपने पूर्व बयान पर कायम हैं। इतना ही नहीं डेरा प्रमुख गुरमीत राम रहीम सिंह इंसा भी सीआरपीसी की धारा 313 के तहत बयान गत 11 फरवरी को दे चुके हैं, जिसमें उन्होंने खुद पर लगे आरोप गलत बताए।
साथ ही कहा कि 1990 के बाद से वह शारीरिक संबंध बनाने के लिए मानसिक और शारीरिक तौर पर फिट नहीं हैं।