नेशनल शूटर सिप्पी सिद्धू की हत्या के मामले में पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट के जज की बेटी कल्याणी को नियमित जमानत दे दी है। हाईकोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि सीबीआई ने याची को छह दिन तक हिरासत में रखा लेकिन हत्या में इस्तेमाल हथियार के बारे में जानकारी नहीं जुटा सकी। साथ ही यह साबित करने में भी नाकाम रही कि याची को जमानत मिलेगी तो वह उसका गलत इस्तेमाल कर सकती है।
याचिका दाखिल करते हुए कल्याणी ने नियमित जमानत की मांग की थी। सीबीआई ने कल्याणी सिंह को सिप्पी सिद्धू हत्या मामले में 15 जून को गिरफ्तार किया था। इसके बाद उसने जमानत के लिए जिला अदालत में याचिका दाखिल की थी। जिला अदालत ने याचिका को खारिज कर दिया था। ऐसे में कल्याणी ने हाईकोर्ट की शरण ली है।
हाईकोर्ट के समक्ष सीबीआई ने जमानत याचिका का विरोध करते हुए कहा कि याची बेहद प्रभावशाली है और यदि उसे जमानत दी गई तो वह जांच को प्रभावित कर सकती है। साथ ही यह भी कहा कि कल्याणी कुछ समाचार पत्रों में प्रकाशित समाचार का हवाला देकर जमानत मांग रही है, जो जमानत का आधार नहीं हो सकता। अगर कल्याणी को जमानत दी गई तो वह पीड़ित परिवार को धमका सकती हैं, जिससे जांच प्रभावित हो सकती है। साथ ही यह भी कहा कि इस मामले में एक प्रत्यक्षदर्शी मौजूद है, बावजूद इसके पुलिस हिरासत में कल्याणी ने जांच में सहयोग नहीं किया।
हाईकोर्ट ने कहा कि सीबीआई पहले इस मामले में अनट्रेस रिपोर्ट सौंप चुकी है। इस मामले की जांच सात साल से चल रही है लेकिन अभी तक कोई सुराग नहीं है। याची के पिता का पॉलीग्राफी टेस्ट हुआ था और उन्होंने बताया था कि याची जन्मदिन की पार्टी में मौजूद थी। पॉलीग्राफी टेस्ट का परिणाम पॉजिटिव था यानी वह सच बोल रहे थे। ऐसे में हाईकोर्ट ने कल्याणी को जमानत दे दी। हाईकोर्ट ने कल्याणी को अपना पासपोर्ट जांच अधिकारी को सौंपने का आदेश दिया है। साथ ही दो लाख रुपये की श्योरिटी जमा करवाने का भी आदेश दिया है।