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सिप्पी हत्याकांड: दो दोस्तों का पॉलीग्राफ टेस्ट कराएगी सीबीआई

Sun, 06 Dec 2020 02:35 AM IST
पंचकुला ब्‍यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
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सुखमनप्रीत सिंह। (फाइल फोटो)
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राष्ट्रीय स्तर के शूटर व वकील सुखमनप्रीत सिंह सिद्दू उर्फ सिप्पी हत्याकांड में सीबीआई के हाथ कुछ अहम सुराग लगे हैं। सीबीआई अब इस मामले में सिमरनदीप और उसके दोस्त करमपाल का पॉलीग्राफ टेस्ट कराना चाहती है, जिसकी अनुमति सीबीआई अदालत ने शनिवार को दे दी है। सिमरनदीप सिप्पी हत्याकांड में शामिल संदिग्ध युवती का जानकार बताया जा रहा है। इसके साथ ही इस मामले में बड़ा सुराग मिलने की उम्मीद है।

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20 सितंबर 2015 को सुखमनप्रीत का शव सेक्टर- 27 के पार्क में मिला था। जांच में पता चला था कि उसे चार गोलियां मारी गई थीं। एक साल तक चंडीगढ़ पुलिस मामले में कोई ठोस सुराग हासिल नहीं कर सकी। इधर परिजन इंसाफ की मांग को लेकर सड़कों पर थे।


प्रधानमंत्री आवास तक उन्होंने प्रदर्शन किया था। लिहाजा इसकी जांच 2016 में सीबीआई को सौंप दी गई। सीबीआई की जांच में एक संदिग्ध युवती की भूमिका भी सामने आई थी। लेकिन उसके खिलाफ कोई सुबूत नहीं जुटा सकी। इस बारे में सीबीआई ने अखबार में विज्ञापन भी दिया, जिसमें लिखा था कि हत्या के समय सिप्पी के हत्यारे के साथ एक युवती भी थी। उक्त युवती को अवसर दिया जा रहा है कि वह फौरन हमसे संपर्क करे, यदि वह निर्दोष है।
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अन्यथा यह माना जाएगा कि वह भी अपराध में बराबर की भागीदार है। लेकिन इसका भी कोई असर नहीं हुआ। कुछ दिनों बाद सीबीआई ने सुराग देने वाले को 5 लाख का इनाम देने की घोषणा की, फिर भी कामयाबी नहीं मिली। सिप्पी की मां दीपिंदर कौर (63) ने दावा किया था कि यूटी पुलिस ने घरों के बाहर लगे कैमरों की सीसीटीवी फुटेज एकत्र की थी। इनमें एक कैमरे में मंकी कैप पहने एक युवक को कार से जाते हुए देखा गया था, जबकि युवती को दूसरी कार में जाते हुए। सिप्पी की मां ने आरोप लगाया था कि उसके बेटे की हत्या में पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश की बेटी शामिल है।

मां को जगी इंसाफ की आस
सिप्पी की मां दीपिंदर कौर ने कहा कि पांच साल से बेटे को इंसाफ दिलाने के लिए लड़ाई लड़ रही हूं। वारदात के बाद पुलिस से हमने कहा था कि युवती के दोस्तों से भी पूछताछ करनी चाहिए। लेकिन पुलिस ने बात नहीं सुनी। हालांकि मुझे उम्मीद है कि मेरे बेटे को न्याय जरूर मिलेगा।
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क्या है पॉलीग्राफ टेस्ट
पॉलीग्राफ टेस्ट झूठ पकड़ने वाली तकनीक है, जिसमें आदमी की बातचीत के कई ग्राफ एक साथ बनते हैं और इससे हर संभावित झूठ को पकड़ने की कोशिश की जाती है।

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