...नी मैं मर गई तेरे ते और नच्चणा पटोला बण के जैसे गीतों से मशहूर हुईं सतविंदर कौर बिट्टी ने भले ही किसी जमाने में हॉकी की खिलाड़ी रही हैं, लेकिन आज भी इस खेल से दूर होने का उनके मन में मलाल रहता है। नेशनल हॉकी प्लेयर रह चुकीं बिट्टी गायकी के साथ साथ इन दिनों राजनीति में भी सक्रिय हैं। वे कांग्रेस के साहनेवाल हलका की इंचार्ज हैं। एक विशेष बातचीत के दौरान उन्होंने हॉकी, पंजाबी गायकी और अन्य विषयों पर विस्तार से चर्चा की।
हॉकी, गायकी और फिर राजनीति। क्या हॉकी से अब भी प्यार है?
- आज भी हॉकी खेलने का दिल करता है। राजनीति में आने के बाद हलका साहनेवाल के सरकारी स्कूल के हॉकी प्लेयरों के बीच आज भी मैं जाती हूं। मैं सरकारी स्कूल में पढ़ी हूं, इसलिए मैंने सीएम कैप्टन अमरिंदर से भी गुजारिश की है कि वे स्कूलों में हॉकी के कोच नियुक्त करें। मेरा बहुत दिल करता है कि मैं स्कूल लेवल पर हाकी की टीम बनाऊं। उनके साथ मैं भी खेलूं। हॉकी को मुझसे कभी भी दूर नहीं जा सकता।
आप काफी समय से म्यूजिक इंडस्ट्री से दूर हैं, इसका कारण?
- नहीं, ऐसा नही है। मैं बिल्कुल भी म्यूजिक से दूर नहीं हूं। कल भी राजस्थान के श्रीगंगानगर में एक कार्यक्रम था। सच कहूं तो म्यूजिक से कभी दूर हो ही नहीं सकती। हां, ये जरूर है कि जब से मैं सियासत में आई हूं थोड़ी पहचान बनाने की कोशिश जारी है। पिछले साल भी मेरा एक गाना आया था और बाकी भी जल्दी आएंगे।
हॉकी से लेकर गायकी, आपके सामने कौन-कौन सी मुश्किलें आईं?
- मुश्किलें हर प्रोफेशन में आती हैं और जब आप लड़की हो तो ये मुश्किलें और भी बढ़ जाती हैं। परिवार का साथ मिले तो हर काम आसान हो जाता है। मेरे पिता को खुद गाने का शौक था, मैंने भी शौक-शौक में ही गाया और लोगों ने जो प्यार दिया वह अविश्वसनीय है।
शहरों के अलावा गांवों में भी आपके बहुत चाहने वाले हैं, ऐसी स्टारडम को संभालना कितना मुश्किल है?
- काफी मुश्किल होता है। जब आप कोई भी काम सच्चे दिल से करते हो तो परमात्मा आपके साथ होता है फिर आपका कोई कुछ नहीं बिगाड़ सकता। पब्लिक में कुछ लोग ऐसे भी होते हैं जिनमें जलन की भावना आ जाती है कि कोई मुझसे आगे कैसे निकल गया, इसलिए हमें अपना काम करते रहना चाहिए और परमात्मा पर विश्वास रखना चाहिए।
नए फीमेल पंजाबी गायिकाएं, जो काफी हिट साबित हुई हैं उनकी गायकी पर आपकी क्या राय है?
- सुनंदा शर्मा, अनमोल गगन, कौर बी अच्छा गा रही हैं। लोगों की तरफ से भी उन्हें बेशुमार प्यार मिल रहा है। उन्हें बस शब्दावली का जरूर ध्यान रखना चाहिए। ऐसा बिल्कुल नहीं होना चाहिए कि गलत गाने गाकर जल्दी फेमस हो जाएं। पंजाबी सभ्याचार बहुत प्यारा है, आप कोई सिंपल गाना भी गाएंगे तो वह लोगों के दिल में बस जाएगा।
इन दिनों पंजाबी म्यूजिक इंडस्ट्री बहुत ग्लैमरस हो चुकी है। ऐसे में नए सिंगरों के बीच कितना कंपीटीशन है?
- कई लोग नए गायकों को हसीन सपने दिखाते हैं कि पैसे लगाओ आपको हिट करवा देंगे। मैं तो यही कहना चाहूंगी कि ऐसे लोगों की बातों में नहीं आना चाहिए। नए गायकों को गांवों के मेलों में गाना चाहिए। यदि आपमें टैलेंट हैं तो लोग खुद आपको स्टार बना देंगे। मैंने कई ऐसे लड़के देखे हैं जिन्होंने लाखों रुपये लगाए, लेकिन बाद में एक भी गाना नहीं चला। ऐसी सोच नहीं होनी चाहिए कि एक गाना गाएं और हिट हो जाएं।
सुना है आप लता मंगेशकर की बहुत बड़ी फैन हैं?
- मैं लता मंगेशकर जैसे गाने के बारे में सोच भी नहीं सकती लेकिन वो मेरे दिल में है। उनकी गायकी में जो तड़प है और जिस फील से वह गाती हैं, ऐसी कोई दूसरी आवाज अब तक नहीं सुनीं। शायद यही वजह है कि मैं उनसे काफी जुड़ा महसूस करती हूं।