चंडीगढ़ प्रशासन द्वारा पेट्रोल और डीजल पर 5-5 प्रतिशत वैट घटाए हुए करीब 21 दिन ही हुए हैं कि इस सबसे बड़ा नुकसान सामने आ गया। दरअसल इससे पंजाब का पेट्रोलियम कारोबार बर्बादी के कगार पर पहुंच गया है। चंडीगढ़ के साथ लगते जिलों में पेट्रोलियम पदार्थों की सेल करीब चालीस फीसदी तक गिर गई है। भविष्य में इसके और गिरने की आशंका है। चंडीगढ़ द्वारा डीजल-पेट्रोल पर वैट घटाने के बाद यूटी की तुलना में पंजाब में पेट्रोल 8.20 रुपये और डीजल 2.26 रुपये महंगा हो गया है।
इससे चंडीगढ़ से सटे हुए जिलों का काफी कारोबार यूटी की ओर शिफ्ट हो गया है। सबसे ज्यादा प्रभाव मोहाली, रोपड़, पटियाला और फतेहगढ़ साहिब जिलों के पेट्रोलियम डीलरों पर पड़ा है। पंजाब में डीजल का सबसे ज्यादा उपयोग किसान खेती में करते हैं या फिर इंडस्ट्री करती है। डीलरों को आशंका है कि अब चंडीगढ़ से डीजल की स्मगलिंग शुरू हो जाएगी। इस इंडस्ट्री को कुछ किलोमीटर दूर चंडीगढ़ से डीजल मंगवाने पर भारी बचत होगी, वह पंजाब से डीजल क्यों खरीदेगा। गेहूं सीजन शुरू हो चुका है। उसमें भी किसान पंजाब के बजाय चंडीगढ़ को तरजीह देंगे।
पंजाब से बड़ी संख्या में ट्रक किरतपुर साहिब, नंगल होते हुए हिमाचल प्रदेश जाते हैं। वहां दरलाघाट, नामोली, बिलासपुर, गग्गल, मेहतपुर में काफी सीमेंट प्लांट हैं। औसतन तीन हजार ट्रक इस रूट से गुजरते हैं। ये सभी ट्रक पहले पंजाब में रुकते थे और यहीं से डीजल भरवाते थे। अब ये ट्रक हिमाचल प्रदेश से डीजल ले रहे हैं। क्योंकि हिमाचल ने भी एक प्रतिशत वैट घटा दिया था। अब किरतपुर साहिब, नंगल, आनंदपुर साहिब की तुलना में हिमाचल प्रदेश के हिस्सों में डीजल 55 पैसे से 1.10 रुपये प्रति लीटर सस्ता हो गया है। पेट्रोलियम डीलरों का कहना है कि अगर सरकार ने जल्द पंजाब में वैट न घटाया तो कारोबार बिल्कुल तबाह हो जाएगा।
डीजल के रेट में फर्क
शहर --- राज्य ---- रेट (रुपये प्रति लीटर)
नंगल -- पंजाब -- 58.87
किरतपुर साहिब - पंजाब - 58.87
बद्दी - हिमाचल प्रदेश - 57.95
नालागढ़ - हिमाचल प्रदेश -58.02
ऊना - हिमाचल प्रदेश - 58.02
दरलाघाट - हिमाचल प्रदेश - 58.50
डेराबस्सी - पंजाब --- 58.76
अंबाला - हरियाणा -- 58.23
पानीपत - हरियाणा -- 58.09
शंभू - पंजाब ---- 58.63
चंडीगढ़ -------- 56.61
पिछले साल वैट घटाने को लेकर हड़ताल की गई थी तो पूर्व केंद्रीय मंत्री परनीत कौर ने मौके पर पहुंच कर भरोसा दिया था कि कांग्रेस सत्ता में आई तो वैट पड़ोसी राज्यों के बराबर किया जाएगा। अब कांग्रेस अपना वादा पूरा करे। वरना सूबे का पेट्रोलियम कारोबार तबाह हो जाएगा।
- अशविंदर मोंगिया, जिला प्रधान, पेट्रोलियम डीलर्स एसोसिएशन