फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

महाराष्ट्र की राजनीति पर कैलाश खेर ने साधा निशाना, बोले- बाप बेटे का नहीं, चाचा-भतीजे का नहीं

Wed, 27 Nov 2019 01:35 AM IST
ajay kumar गगन तलवार, अमर उजाला, करनाल (हरियाणा)
विज्ञापन
कैलाश खेर - फोटो : फाइल फोटो
विज्ञापन

गायक कैलाश खेर ने बिना नाम लिए महाराष्ट्र की राजनीति पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि शुरू से ही होनी हमेशा साइड में रहती है और बाद में अपना रंग दिखाती है। ये सब मोह-माया है। इसी तरह कुर्सी है, जो चुपचाप अपना खेल देखती रहती है। सभी को खूब लड़ाती है। आप देख ही रहे हैं कुर्सी को पाने के लिए कैसे सब चोंच से चोंच मिलाकर लड़ रहे हैं। 

विज्ञापन


हालात यह भी हैं कि बेटा बाप का नहीं है, भतीजा चाचे का नहीं और भाई-भाई का नहीं। लेकिन हमारे देश में कुछ पुण्य कर्म करने वाले बाहुल्य लोग भी हैं, इनके ईश्वरीय कर्म से सब बच रहा है, इसलिए हमारा देश दिव्य है। वे मंगलवार को करनाल में निफा की ओर से आयोजित युवा महोत्सव हारमनी कार्यक्रम में पहुंचे थे। 

अमर उजाला से बातचीत में उन्होंने कहा कि योग और आयुर्वेद की तरह संगीत भी हमारी धरोहर है। संगीत के क्षेत्र में देश और तरक्की करे, इसके लिए संगीत मंत्रालय भी बनना चाहिए। इसके लिए उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से अपील की और इसे लेकर बात भी करेंगे। 

विज्ञापन
Trending Videos
विज्ञापन

गुजरात की तरक्की का राज ईश्वरीय कर्म
गायक कैलाश खेर ने कहा कि गुजरात आज किस स्तर पर उन्नति कर रहा है, इसके बारे में सभी को पता है। अगर हर राज्य में गुजरात की तरह दान-पुण्य ज्यादा हो, ईश्वरीय कर्म हो, तो वो धरती जरूर पनपती है और फल देती है। जिससे देश व प्रदेश तरक्की करता है। 

आयुर्वेद की तरह संगीत भी बुजुर्गों की सल्तनत 
कैलाश खेर ने बताया कि संगीत को लेकर अब बातें चल रहीं हैं। समय आएगा और ईश्वर की अनुकंपा जुड़ी तो संगीत मंत्रालय भी बनेगा। प्रधानमंत्री से मेरा इसके लिए निवेदन भी है कि मंत्रालय पूरी तरह से संगीत पर समर्पित हो, जो दुनिया में संगीत की और अध्यात्म की ऊर्जा बांटे। संगीत भी हमारे देश की धरोहर है। इसके लिए हमारे देश का ही सर्टिफिकेट हो। जैसे आयुर्वेद पर किसी दूसरे का हक नहीं है, ये हमारे देश के बड़े-बुजुर्गों की सल्तनत है। वैसे ही संगीत भी हमारी धरोहर है। 
 
फिट रहना है तो.. खाओ-पीयो, छको मत, चलो-फिरो, थको मत, बोलो-चालो, बको मत
अपनी फिटनेस का राज बताते हुए कैलाश खेर ने कहा कि मैं खाता-पीता कम हूं। और हर चीज में अपना ध्यान रखता हूं। दूसरों के लिए भी मेरा एक ही सूत्र है कि खाओ-पीयो छको(रजकर)मत, चलो फिरो थको मत, बोलो-चालो बको मत। अगर इस सूत्र को अपनाएं तो हम सुखी और स्वस्थ रह सकते हैं।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें