गुजरात की तरक्की का राज ईश्वरीय कर्म
गायक कैलाश खेर ने कहा कि गुजरात आज किस स्तर पर उन्नति कर रहा है, इसके बारे में सभी को पता है। अगर हर राज्य में गुजरात की तरह दान-पुण्य ज्यादा हो, ईश्वरीय कर्म हो, तो वो धरती जरूर पनपती है और फल देती है। जिससे देश व प्रदेश तरक्की करता है।
आयुर्वेद की तरह संगीत भी बुजुर्गों की सल्तनत
कैलाश खेर ने बताया कि संगीत को लेकर अब बातें चल रहीं हैं। समय आएगा और ईश्वर की अनुकंपा जुड़ी तो संगीत मंत्रालय भी बनेगा। प्रधानमंत्री से मेरा इसके लिए निवेदन भी है कि मंत्रालय पूरी तरह से संगीत पर समर्पित हो, जो दुनिया में संगीत की और अध्यात्म की ऊर्जा बांटे। संगीत भी हमारे देश की धरोहर है। इसके लिए हमारे देश का ही सर्टिफिकेट हो। जैसे आयुर्वेद पर किसी दूसरे का हक नहीं है, ये हमारे देश के बड़े-बुजुर्गों की सल्तनत है। वैसे ही संगीत भी हमारी धरोहर है।
फिट रहना है तो.. खाओ-पीयो, छको मत, चलो-फिरो, थको मत, बोलो-चालो, बको मत
अपनी फिटनेस का राज बताते हुए कैलाश खेर ने कहा कि मैं खाता-पीता कम हूं। और हर चीज में अपना ध्यान रखता हूं। दूसरों के लिए भी मेरा एक ही सूत्र है कि खाओ-पीयो छको(रजकर)मत, चलो फिरो थको मत, बोलो-चालो बको मत। अगर इस सूत्र को अपनाएं तो हम सुखी और स्वस्थ रह सकते हैं।